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Meerut : तलाक के बाद ढोल-नगाड़ों से बेटी का स्वागत, रिटायर्ड जज पिता ने पेश की मिसाल

Meerut News: आमतौर पर समाज में बेटी के तलाक और घर वापसी को दुख या बदनामी का विषय माना जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पुरानी रूढ़ियों को तोड़कर एक नई मिसाल पेश की है। यहां एक रिटायर्ड जिला जज ने अपनी बेटी के तलाक के बाद उसका स्वागत एक उत्सव की तरह किया। ढोल-नगाड़ों और नाच-गाने के साथ अपनी लाडली को वापस घर लाने वाले इस पिता के वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।

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रिटायर्ड जज ने बेटी के तलाक पर मनाया जश्न

Photo : Times Now Digital

Meerut: मेरठ के साकेत इलाके में रहने वाले रिटायर्ड जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने समाज को एक संदेश दिया है कि बेटी पर बोझ नहीं, बल्कि अभिमान होती है। उनकी इकलौती बेटी प्रणिता शर्मा की शादी साल 2018 में शाहजहांपुर के रहने वाले सेना के मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही प्रणिता को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। सात साल तक चले इस विवाद और संघर्ष के बाद आखिरकार शनिवार, 4 अप्रैल को मेरठ की फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को मंजूरी दे दी।

कोर्ट से घर तक निकला जुलूस

तलाक की डिक्री मिलते ही जज साहब के परिवार ने इसे बेटी की 'आजादी' के रूप में मनाया। कोर्ट परिसर से घर तक प्रणिता को ढोल-नगाड़ों के साथ लाया गया। रास्ते भर परिवार के सदस्य झूमते और नाचते नजर आए। घर पहुंचने पर प्रणिता का भव्य स्वागत फूल-मालाओं से किया गया और पूरे मोहल्ले में मिठाइयां बांटी गईं। इस दौरान सबसे खास बात यह थी कि परिवार के सभी सदस्यों ने काले रंग की टी-शर्ट पहनी थी, जिस पर प्रणिता की तस्वीर के साथ “I Love My Daughter” लिखा हुआ था।

न दहेज लिया, न गुजारा भत्ता

डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने इस मौके पर भावुक होते हुए कहा कि उनकी बेटी ससुराल में खुश नहीं थी और घुट-घुट कर जी रही थी। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने दामाद या उनके परिवार से न तो कोई सामान वापस लिया और न ही किसी प्रकार का गुजारा भत्ता मांगा। उन्होंने कहा, "मुझे अपनी बेटी की खुशियां और उसका आत्मसम्मान चाहिए था, जो मुझे मिल गया है। अब वह हमारे साथ रहकर अपने बेटे की परवरिश करेगी और एक नई शुरुआत करेगी।"

सोशल मीडिया पर मिली सराहना

इस घटना के वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहे हैं। लोग रिटायर्ड जज के इस कदम की सराहना कर रहे हैं और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बता रहे हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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