दिल्ली नगर निगम (MCD) की राजनीति में शुक्रवार को एक बहुत बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) से बगावत कर मई 2025 में बनी 'इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी' (IVP) का औपचारिक विलय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में होने जा रहा है। IVP के प्रमुख मुकेश गोयल और सह-प्रमुख हेमचंद्र गोयल के नेतृत्व में पार्टी के सभी 16 पार्षद आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
यह विलय दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और नवनियुक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की उपस्थिति में होगा। सूत्रों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बीच दो दौर की मैराथन बैठकें हुईं, जिसके बाद विलय की शर्तों और आगामी निगम चुनावों में मौजूदा पार्षदों को भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ाने के आश्वासन पर सहमति बन गई है।
MCD में मजबूत होगी भाजपा, नंबर गेम में बड़ा बदलाव
इस विलय के बाद MCD के 250 वार्डों (वर्तमान में 1 वार्ड रिक्त) में भाजपा की ताकत अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाएगी। साल 2022 के निगम चुनाव में महज 104 सीटें जीतने वाली भाजपा अब बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर जाएगी। 2022 के नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 134 पार्षदों के साथ बहुमत हासिल किया था, जबकि BJP के पास 104 पार्षद थे। हालांकि, IVP के भाजपा में विलय के बाद भाजपा की पार्षद संख्या बढ़कर 139 हो जाएगी और जबकि आम आदमी पार्टी के पार्षदों की संख्या घटकर लगभग 110 रह जाएगी।
पार्षदों को वरिष्ठता के हिसाब से मिलेंगी बड़ी जिम्मेदारियां
यह ऐसे समय पर हो रहा है जब MCD की 12 वार्ड कमेटियों के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन के नामांकन का आज आखिरी दिन है। सूत्रों का कहना है कि IVP प्रमुख मुकेश गोयल को MCD की किसी महत्वपूर्ण एड हॉक या विशेष समिति में चेयरमैन का पद सौंपा जा सकता है। वहीं, हेमचंद्र गोयल को सेंट्रल जोन से भाजपा स्थायी समिति का सदस्य बनाकर भेजा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, मनोनीत पार्षद मनोज जैन को डिप्टी चेयरमैन पद का प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
