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गौरक्षक संत 'फरसा वाले बाबा' की मौत पर खुलासा, कोहरे के चलते हुआ एक्सीडेंट; माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में शनिवार तड़के घने कोहरे के बीच हुए भीषण सड़क हादसे में ब्रज के प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की मौत हो गई। घटना के बाद गौ तस्करी की अफवाह फैलने से माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ लोगों ने हाइवे जाम कर पुलिस चौकी का घेराव भी किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल कम दृश्यता के कारण हुआ एक्सीडेंट था और अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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ब्रज के प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर की सड़क हादसे में मौत

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Mathura Road Accident News: मथुरा के कोसीकलां इलाके में शनिवार तड़के दो ट्रकों की टक्कर हो गई। इस हादसे में मथुरा-आगरा मार्ग पर सक्रिय ब्रज के प्रसिद्ध गौरक्षक और संत चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा की जान चली गई। उनकी मौत की खबर फैलते ही यह अफवाह भी फैल गई कि इस घटना के पीछे गौ तस्करों का हाथ है। अफवाह के बाद कुछ गौरक्षक छाता चौकी के पास एकत्र हो गए और चौकी का घेराव कर दिया। साथ ही उन्होंने मथुरा से आगरा जाने वाले हाइवे को कुछ घंटों के लिए जाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।

यह मामला गौ तस्करी से जुड़ा नहीं

घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ लोगों ने पुलिस और पुलिस चौकी पर पथराव कर दिया। इस दौरान हाइवे को भी जाम कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए जाम खुलवाया और भीड़ को वहां से हटाया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी और गौरक्षकों को मामूली चोटें भी आईं। मथुरा के एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यह मामला गौ तस्करी से जुड़ा नहीं है, बल्कि घने कोहरे के कारण कम विजिबलिटी में हुआ सड़क हादसा है। बताया जा रहा है कि गौरक्षक संत चंद्रशेखर अक्सर तड़के सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच गौ तस्करी के शक में इलाके में गश्त करने निकलते थे।

इस दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

बताया जा रहा है कि आज भी बाबा तड़के गश्त के लिए निकले थे। कोसीकलां क्षेत्र में मथुरा से दिल्ली जाने वाले हाइवे पर उन्होंने अपनी सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट वाली अपाची बाइक सड़क किनारे खड़ी कर दी। इसके बाद वे अपने एक साथी के साथ नागालैंड नंबर प्लेट वाले एक कंटेनर को रुकवाकर उससे पूछताछ करने लगे। इसी दौरान पीछे से राजस्थान नंबर का एक ट्रक तेजी से आया और घने कोहरे के कारण वह आगे खड़े कंटेनर से टकरा गया। संत चंद्रशेखर उस समय दोनों वाहनों के बीच खड़े थे, जिससे वे भी ट्रक की चपेट में आ गए। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौत हो गई।

माहौल बिगाड़ने वालो के खिलाफ सख्त कार्रवाई

पुलिस के अनुसार राजस्थान नंबर वाले ट्रक को अलवर निवासी ड्राइवर और हेल्पर चला रहे थे, जो मुस्लिम समुदाय से हैं। ट्रक में बिजली के तार लदे हुए थे और उसमें किसी प्रकार का गौवंश नहीं था। हादसे में ट्रक ड्राइवर खुर्शीद की मौत हो गई, जबकि हेल्पर को मामूली चोटें आई हैं और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस जांच में अब तक दोनों का कोई आपराधिक इतिहास या गौ तस्करी से संबंध सामने नहीं आया है। वहीं, नागालैंड नंबर प्लेट वाले कंटेनर में राशन का सामान ले जाया जा रहा था और उसमें भी कुछ संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि कोहरे के कारण हुए इस सड़क हादसे को गौ तस्करी से जोड़कर अफवाह फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर की जा रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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