मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लोनावला के पास गुरुवार सुबह भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला, जिसने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। खासतौर पर घाट सेक्शन में कई किलोमीटर लंबी गाड़ियों की कतारें लग गईं, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। जाम के कारण मुंबई से पुणे की ओर जाने वाले यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। जिसके कारण सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट को भी जल्द पूरा करने की मांग की, ताकि उन्हें इस समस्या से निजात मिल सके।
गैस टैंकर हादसे से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था
एक्सप्रेसवे पर लगे ट्रैफिक जाम की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिसमें कारों और ट्रकों की लंबी लाइनें धीरे-धीरे रेंगती नजर आईं। सुबह लगभग 8:45 बजे के आसपास हालत सबसे ज्यादा खराब रही। इस दौरान यात्रियों को कम से कम 30 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ा। इस ट्रैफिक जाम की मुख्य वजह यातायात का भारी दबाव, सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य और वाहनों की बढ़ती संख्या को बताया जा रहा है। इसके अलावा अदोशी टनल के पास हुए एक गैस टैंकर हादसे के कारण स्थिति को और गंभीर हो गई। गैस रिसाव के चलते सुरक्षा कारणों की वजह से रास्ते को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे ट्रैफिक जाम और बढ़ गया। ऐसे में कई वाहनों को लंबे समय तक फंसे रहने पड़ा, जिसके कारण यात्रियों में नाराजगी भी देखी गई।
रोजाना जाम से लोग हो रहे परेशान
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यात्रियों ने ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें हो रही परेशानियों को साझा किया। एक यूजर ने लिखा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को अब 'स्लो वे' घोषित कर देना चाहिए, क्योंकि जाम के कारण रोजाना 25 से 45 मिनट की देरी आम बात हो गई है, जबकि टोल फीस लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, दूसरे यूजर ने ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना को जल्द पूरा करने की मांग की, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या से उन्हें राहत मिल सके।
‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट पर उठे सवाल
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे देश के सबसे बिजी हाईवे में से एक है, खासतौर से यहां लोनावला घाट एरिया में अक्सर जाम की स्थिति देखने को मिलती है। पीक टाइम में वाहनों की बढ़ती संख्या और अधूरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण यह समस्या को गंभीर होती जा रही है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यात्रियों ने ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानियों से बचा जा सके।
