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मैनपुरी: फांसी पर लटकाया जाएगा पांच लोगों को जिंदा जलाने वाला हैवान, सजा-ए मौत सुन कांपा हत्यारा

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के दोषी को सजा-ए-मौत यानी फांसी की सजा सुनाई गई है। आरोपी ने साल 2020 में मिट्टी का तेल डालकर पूरे परिवार को जिंदा जलाकर मार डाला था।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • मैनपुरी में पांच लोगों के सामूहिक हत्याकांड में आया फैसला
  • हत्यारे को फांसी की सजा का ऐलान
  • मिट्टी का तेल डालकर 5 लोगों को जलाया था जिंदा

मैनपुरी: एक अदालत ने चार साल पहले एक ही परिवार के पांच सदस्यों को जलाकर मार डालने के मामले में आरोपी एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बुधवार को बताया कि थाना कोतवाली के माधोनगर खरपरी गांव में चार साल पुराने सामूहिक हत्याकांड के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने मंगलवार को आरोपी मुरारी कश्यप को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

इन लोगों को सोते में जला दिया था जिंदा

चौहान ने बताया कि माधोनगर खरपरी गांव निवासी मुरारी कश्यप और उसी गांव के जगदीश के बीच होली समारोह के दौरान डीजे की आवाज को लेकर कुछ विवाद हुआ था। इस दौरान मुरारी ने जगदीश को उसके परिवार सहित खत्म करने की धमकी दी थी। इसके बाद 18 जून 2020 की रात जगदीश का भाई राम बहादुर, उसकी पत्नी सरला देवी, बेटियां संध्या (17), शिखा (10) और नाती ऋषि अपने घर में सो रहे थे। आधी रात के करीब मुरारी राम बहादुर के घर में घुसा और मिट्टी का तेल डालकर घर में आग लगा दी। भागते समय उसने बाहर से कुंडी लगा दी।

चौहान ने बताया कि आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और परिवार के पांच लोग आग में फंस गए। मदद के लिए चीख-पुकार मचने पर ग्रामीण उन्हें बचाने के लिए आये और दरवाजा तोड़कर बुरी तरह झुलसे राम बहादुर, सरला देवी, संध्या, शिखा और ऋषि को जिला अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान राम बहादुर ने दम तोड़ दिया। घायल अन्य लोगों को मेडिकल कॉलेज सैफई ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान संध्या, सरला, शिखा और ऋषि ने भी दम तोड़ दिया।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

जगदीश ने मुरारी कश्यप के खिलाफ सरला, संध्या, शिखा, ऋषि और राम बहादुर को उनके घर में जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुरारी कश्यप को सामूहिक हत्या के आरोप में दोषी करार दिया और फांसी की सजा सुनाई। मौत की सजा सुन आरोपी पसीना-पसीना हो गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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