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एक दिन में 5 बच्चों की मौत, Malda Medical College में नहीं थम रहा मौतों का दौर; क्या कुपोषण है वजह?

Malda Medical College Children Death Case: मालदा मेडिकल कॉलेज में इस महीने अब तक 55 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि एक दिन में पांच बच्चों की मौत हुई। अस्पताल प्रशासन ने कुपोषण और कम उम्र में महिलाओं के गर्भवती होने को प्रमुख कारण बताया है।

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मालदा मेडिकल कॉलेज (फोटो-Twitter)

Malda Medical College Children Death Case : मालदा मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। इस महीने अब तक 55 बच्चों की मौत हो चुकी है और एक ही दिन में सबसे ज़्यादा पांच बच्चों की मौत हुई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इन मौतों की मुख्य वजह कुपोषण और कम उम्र में महिलाओं का गर्भवती होना है। जानकारी के मुताबिक, 27 अगस्त तक इस अस्पताल में 89 बच्चों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद हालात की जांच के लिए 29 अगस्त को स्वास्थ्य भवन (राज्य स्वास्थ्य विभाग का मुख्यालय) की एक टीम ने अस्पताल का दौरा किया।

5 सितंबर को स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट और पीडियाट्रिक्स डिपार्टमेंट (बच्चों के विभाग) के हेड को उनके पदों से हटाने का आदेश जारी किया। उसी संस्थान में ENT डिपार्टमेंट के हेड गणेश चंद्र गेन को नया मेडिकल सुपरिटेंडेंट नियुक्त किया गया और बच्चों की मृत्यु दर को कम करने के लिए कई निर्देश जारी किए गए।

एक महीने में ही 55 मौतें

हालांकि, बाद में मौतों की संख्या में थोड़ी कमी आई फिर भी इस महीने 55 बच्चों की मौत हो चुकी है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट गणेश चंद्र गेन ने इस आंकड़े की पुष्टि करते हुए बताया कि मरने वाले बच्चों में से 35 बच्चे कुपोषण का शिकार थे। ज़्यादातर मामलों में कुपोषित बच्चों का जन्म उन माताओं से हुआ जो गर्भवती होने के समय नाबालिग थीं।

अस्पताल प्रशासन का कहना था कि मरने वाले अधिकांश बच्चे अन्य निजी नर्सिंग होम या अस्पतालों से बेहद गंभीर हालत में रेफर होकर आए थे। उन्हें सांस लेने में तकलीफ, पीलिया या दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां थीं।

Pooja Mehta
पूजा मेहताauthor

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावरण और अपराध पर व्यापक रिपोर्टिंग की है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों पर गहरा फोकस रखते हुए। संघर्षग्रस्त इलाकों से उनकी ज़मीनी रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों की गहन समझ उन्हें पैनी दृष्टि और विश्वसनीय विश्लेषण के लिए अलग पहचान दिलाती है। वह प्रमाणित Defence Correspondent हैं और अमेरिकी विदेश विभाग के प्रतिष्ठित International Visitor Leadership Program (IVLP) की एलुमनी भी हैं, जिससे विदेशी नीति, सुरक्षा और सामरिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता और मजबूत हुई है।

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