दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े शबीर अहमद लोन से पूछताछ में कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ सीधे संपर्क में था। वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए भारत में नेटवर्क फैलाने और युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे सटीक खुफिया इनपुट और लंबी निगरानी के बाद गाजीपुर नाला इलाके से गिरफ्तार किया। केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में चलाए गए इस ऑपरेशन में उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी, जिसके बाद उसे छापेमारी के बाद दबोच लिया गया।
जांच में खुलासा हुआ है कि जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के कंगन क्षेत्र का निवासी शबीर लोन पाकिस्तान में बैठे LeT कमांडरों अबू हुजैफा और सुमामा उर्फ बाबर इलियास के सीधे संपर्क में था। वह उनके निर्देश पर भारत में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और उन्हें संगठन में भर्ती करने का काम कर रहा था। लोन नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल हुआ और दिल्ली को अपना ऑपरेशनल बेस बनाकर गतिविधियां चला रहा था।
2007 में आतंकी मामलों में हुई गिरफ्तारी
स्पेशल सेल के मुताबिक, यह गिरफ्तारी FIR नंबर 01/2026 (PS स्पेशल सेल) से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान हुई, जिसमें पहले ही 8 ऑपरेटिव्स को पकड़ा जा चुका है, जिनमें भारतीय और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि लोन सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम के जरिए युवाओं को प्रभावित करता था और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करता था। उसका आपराधिक इतिहास भी लंबा रहा है। वर्ष 2007 में भी वह आतंकी मामलों में गिरफ्तार हुआ था और अवैध गतिविधि (UAPA), आर्म्स एक्ट व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत सजा काट चुका है। जेल से रिहा होने के बाद भी उसने आतंकी नेटवर्क से दूरी नहीं बनाई और दोबारा सक्रिय हो गया।
कई देशों की करेंसी हुई बरामद
पुलिस ने उसके पास से बांग्लादेशी टका, पाकिस्तानी व भारतीय मुद्रा, नेपाली करेंसी, एक मोबाइल फोन, नेपाली सिम कार्ड, आधार कार्ड की कॉपी और अन्य सामान बरामद किया है। एजेंसियों का मानना है कि वह भारत-बांग्लादेश कनेक्शन के जरिए बड़े स्तर पर आतंकी भर्ती और हमलों की साजिश रच रहा था। फिलहाल शबीर लोन से गहन पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी नेटवर्क को समय रहते ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे राजधानी समेत देशभर में संभावित खतरा टल गया है।
