Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र के नागरिकों को इस समय मौसम के दो बिल्कुल उल्टे रूपों का एक साथ सामना करना पड़ रहा है। राज्य में एक तरफ जहां सूरज आग उगल रहा है और पारा सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कड़कती बिजली और तेज आंधी के साथ बेमौसम बारिश आफत बनकर बरसने को तैयार है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ईरान के पास बने एक चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण पाकिस्तान और बलूचिस्तान के रास्ते भारत में बेहद गर्म और शुष्क हवाएं आ रही हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मौसमी बदलाव के चलते मध्य और पश्चिमी भारत में मानसून-पूर्व भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है, जिससे महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित है।
विदर्भ-मराठवाड़ा में 'लू' का अलर्ट (Vidarbha Marathwada Heatwave Alert)
ईरान-पाकिस्तान से आ रही गर्म हवाओं के कारण राज्य के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में लू की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटों में अमरावती, वर्धा, अकोला, ब्रह्मपुरी और यवतमाल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। वहीं परभणी, सोलापुर, जलगांव, चंद्रपुर, नागपुर और वाशिम में भी पारा 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। हिंगोली, परभणी, अकोला, चंद्रपुर, नागपुर और अमरावती जैसे जिलों के लिए पीली गर्मी की चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
मुंबई, पुणे और कोंकण में झमाझम बारिश के आसार (Mumbai Pune Konkan Rain Alert)
एक तरफ जहां विदर्भ झुलस रहा है, वहीं पश्चिमी तटीय और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में स्थिति बिल्कुल उलट है। मुंबई और पालघर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन ठाणे और रायगढ़ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में 18 से 20 मई के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे तटीय इलाकों के लोगों को चिपचिपी गर्मी से राहत मिलेगी। अहिल्यानगर, पुणे, कोल्हापुर, सतारा और सांगली जिलों में बेमौसम बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, मराठवाड़ा के लातूर और धराशिव जिलों के लिए तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड और नांदेड़ में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
मानसून की धीमी चाल, महाराष्ट्र में कब होगी एंट्री? (Maharashtra Monsoon Update)
इस तपिश के बीच राहत की बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से पहले 16 मई को ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में प्रवेश कर चुका है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने एक चिंताजनक अपडेट भी दिया है। फिलहाल अरब सागर में एक एंटीइक्लोन सक्रिय है, जो मानसून की आगे की प्रगति में बाधा डाल रहा है। इस वजह से पश्चिमी तट पर मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई है। नए पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून जून के पहले सप्ताह में केरल पहुंचेगा और कर्नाटक, गोवा होते हुए 5 से 6 जून के बीच महाराष्ट्र में दस्तक देगा। वहीं, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में वास्तविक मानसूनी बारिश 10 जून के आसपास शुरू होने की उम्मीद है। तब तक राज्य में लू और बेमौसम आंधी का यह दोहरा दौर जारी रहेगा।
