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महाराष्ट्र TET पेपर लीक के तार बिहार से जुड़े, हाजीपुर के छोटे से साइबर कैफे से रची गई थी साजिश; एक गिरफ्तार

महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र पुलिस और SIT ने बिहार के हाजीपुर में बड़ी छापेमारी की है। मास्टरमाइंड विजेंद्र गुप्ता की कार बरामद की गई है और उसके सहयोगी सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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पुलिस को मिले कई डिजिटल सबूत

Photo : Times Now Digital

महाराष्ट्र में पिछले दिनों हुए बहुचर्चित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में जांच कर रही महाराष्ट्र पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) की संयुक्त टीम को बिहार के वैशाली जिले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पेपर लीक कांड के मुख्य मास्टरमाइंड विजेंद्र गुप्ता की लग्जरी कार बरामद कर ली है, साथ ही उसके एक मुख्य सहयोगी सोनू को हिरासत में ले लिया है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

छोटे से साइबर कैफे से रची गई थी साजिश

मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड स्थित 'क्विक इंटरप्राइजेज' नाम के एक साइबर कैफे में पहुंची। छानबीन में पता चला कि इसी छोटे से साइबर कैफे के भीतर बैठकर महाराष्ट्र TET परीक्षा के पेपर लीक करने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की पूरी साजिश रची गई थी। पुलिस ने इस साइबर कैफे को पूरी तरह सील कर दिया है। कैफे में रखे कंप्यूटर की हार्ड डिस्क से मास्टरमाइंड विजेंद्र गुप्ता को बचाने के लिए बनाए गए फर्जी पहचान पत्रों के दस्तावेज, कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और परीक्षा के मूल प्रश्न पत्र जैसे बेहद संवेदनशील डिजिटल सुराग हाथ लगे हैं।

फर्जी दस्तावेज बनाने में माहिर हैं दो सगे भाई

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे रैकेट में दो सगे भाइयों, सोनू और विकास की भूमिका सबसे अहम रही है। इन दोनों भाइयों के पास अपने साइबर कैफे थे और इन्हें फर्जी डिजिटल दस्तावेज और पहचान पत्र तैयार करने में महारत हासिल थी। हैरान करने वाली बात यह है कि इनका दूसरा भाई विकास बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था, जो विजेंद्र गुप्ता के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था।

मास्टरमाइंड विजेंद्र गुप्ता के लिए इन दोनों ने कई फर्जी ID कार्ड तैयार किए थे। फिलहाल पुलिस ने सोनू को दबोच लिया है, जबकि विकास की तलाश में वैशाली जिले में छापेमारी चल रही है।

आरोपियों की हुई पहचान, जल्द होगी बड़ी गिरफ्तारियां

महाराष्ट्र पुलिस के पुलिस इंस्पेक्टर आकाश पवार ने बताया कि पुलिस टीम ने पहले भी इस मामले में कई पुख्ता तकनीकी साक्ष्य जुटाए थे। इस आधार पर कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि हाजीपुर से मिले इन डिजिटल सुरागों के बाद पेपर लीक गैंग से जुड़े सभी प्रमुख आरोपियों को पूरी तरह चिन्हित कर लिया गया है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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