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आदिवासी हिंदू हैं, अंग्रेजों के बाद कांग्रेस ने इन्हें सनातन से अलग करने का किया प्रयास: सीएम मोहन यादव

Mohan Yadav Attack Congress: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि ये निमाण का आदिवासी अंचल था, कांग्रेस ने हमेशा इस क्षेत्र को नजरअंदाज किया। सड़क बनाने से लेकर मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने काम किया।

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आदिवासी हिंदू हैं, अंग्रेजों के बाद कांग्रेस ने इन्हें सनातन से अलग करने का किया प्रयास: सीएम मोहन यादव

MP CM Mohan Yadav News: मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया। इसमें शामिल होने के लिए पूरी कैबिनेट और अफसर बड़वानी के नागलवाड़ी पहुंचे। यहां पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बाबा भीलटदेव के दर्शन किए। इसके बाद कैबिनेट की बैठक का आयोजन हुआ।

कृषि कैबिनेट निमाण क्षेत्र में ही क्यों की गई?

टाइम्स नाऊ नवभारत से खास बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि ये निमाण का आदिवासी अंचल था, कांग्रेस ने हमेशा इस क्षेत्र को नजरअंदाज किया। सड़क बनाने से लेकर मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने काम किया। किसानों को लेकर नर्मदा जी के प्रताप से अगर हमने पंजाब हरियाणा को पीछे छोड़ा तो इस क्षेत्र का उसमें काफी योगदान है इसीलिए इस क्षेत्र में कृषि कैबिनेट करने का निर्णय लिया गया है।

भीलटदेव के मंदिर को ही क्यों चुना गया?

भीलटदेव नाग देवता के अवतार माने जाते हैं, बाबा भीलटदेव का मंदिर निमाड़ क्षेत्र के आदिवासियों की आस्था के बड़े केंद्र के तौर पर माना जाता हैं। हर साल लाखों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। कृषि के साथ साथ सरकार का आदिवासी क्षेत्र पर काफी फोकस है।

निमाड़ के आदिवासी क्षेत्र के लिए आगे की योजना

मध्यप्रदेश में 7 प्रमुख जनजातियां और इनकी उपजातियों समेत 43 जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इन जनजातियों ने प्रकृति, प्रतीक और प्रतिमा में अपने देवधारणाओं को स्थापित किया है और इनके माध्यम से वे अपनी आस्था और धारणाओं का प्रकटीकरण करते हैं। सरकार का ये मानना है कि राज्य के जनजातीय समुदायों की मान्यताओं, आस्था, प्रतीकों के देवलोक को एक स्थान पर लाने के लिए प्रयास होना चाहिए। जनजातीय समुदायों की संस्कृति, पूजा पद्धतियों के संरक्षण के लिए प्रदेश में जनजातीय देवलोक विकसित किया जाना है। जनजातीय समुदायों के ओझा, पटेल, पुजारा, तड़वी, भुमका, पंडा, गुनिया के विचारों को भी इसमें समाहित किया जाएगा।

आदिवासी समाज हिंदू नहीं है ये साबित करने का षड्यंत्र हो रहा है?

टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि ये सब आस्था के केंद्र हैं। आदिवासी क्षेत्रों में अगर कोई बड़ी आस्था का केंद्र है तो भीलटदेव ही है। होली के मौके पर अगर भगोरिया हो रहा है तो आदिवासी अंचल में हो रहा है। आदिवासी हिंदुओं से अलग है अंग्रेजों के बाद कांग्रेस ने से साबित करने के प्रयास किए। ये कोई तरीके चलने वाले नहीं हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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