लखनऊ

योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से हर घर तिरंगा अभियान का आगाज किया, बताया राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस से पहले लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की और इसे राष्ट्रीय गौरव तथा स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बताया।

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की

लखनऊ: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस से पहले लखनऊ में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की और इसे राष्ट्रीय गौरव तथा स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बताया। स्वतंत्रता दिवस से दो दिन पहले कालिदास मार्ग पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित राज्य के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

जनसमूह को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशभक्ति के संदेश को घर-घर पहुँचाने के आह्वान के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा देश आज़ादी के 78 वर्ष पूरे कर रहा है और अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। प्रत्येक भारतीय को संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों, महान क्रांतिकारियों और विभूतियों के प्रति सम्मान और समर्पण का भाव रखना चाहिए। पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री के आह्वान पर, राष्ट्रवाद की यह भावना घर-घर पहुंच रही है और हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से हम इसे फलते-फूलते देख रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक मार्च नहीं है, बल्कि भारत माता, महान नेताओं, क्रांतिकारियों और वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति भी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ हर गाँव, कस्बे और ज़िले में यह यात्रा सभी के लिए एक मिसाल कायम कर रही है। लोगों से उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेने का आग्रह करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि देश और हमारे सैनिकों के प्रति हमारे गौरव और सम्मान के प्रतीक के रूप में हर भारतीय घर में तिरंगा फहराया जाना चाहिए। दुनिया ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना की वीरता देखी है और आज, जब दुनिया भारत की ताकत से चकित है, तो यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम स्वार्थ से ऊपर उठकर और राष्ट्र के लिए खुद को समर्पित करके देश के सम्मान को बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि इस अवसर का उपयोग उन ताकतों को बेनकाब करने के लिए भी किया जाना चाहिए जो जाति, क्षेत्र, धर्म, भाषा या अन्य आधारों पर समाज को बांटने की कोशिश करती हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।

(भाषा इनपुट )

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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