UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी एनडीए विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक कर ‘जीएसटी रिफॉर्म जागरूकता अभियान’ के पहले चरण की रूपरेखा प्रस्तुत की। यह अभियान 22 सितंबर से 29 सितंबर 2025 तक चलेगा। इसका उद्देश्य जीएसटी में किए गए सुधारों को आम जनता तक पहुंचाना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं ताकि त्योहारी सीजन में व्यापारी, दुकानदार और उपभोक्ता इसका पूरा लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि अभियान का नेतृत्व प्रतिदिन अलग-अलग बाजारों में सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं और दोनों उपमुख्यमंत्री भी इस अभियान में शामिल रहेंगे। सांसद, मंत्री, विधायक, एमएलसी और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में रोजाना 1-2 घंटे बाजारों में सक्रिय होंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कर उन्हें अभियान से जोड़ेंगे।
अभियान के दौरान दुकानदारों को गुलाब के फूल भेंट किए जाएंगे और उन्हें बताया जाएगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुसार जीएसटी रिफॉर्म लागू की गई है। दुकानों पर ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ पोस्टर लगाए जाएंगे और दुकानदारों से आग्रह किया जाएगा कि वे स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। अभियान का संदेश यह होगा कि स्वदेशी केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की मेहनत, हुनर और परिश्रम की पहचान है।
त्योहारों की खरीदारी के अवसर पर ग्राहकों को जागरूक किया जाएगा कि जीएसटी रिफॉर्म से उन्हें सीधे लाभ मिल रहा है, सामान सस्ता हो रहा है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं। छोटे-छोटे वीडियो बनाए जाएंगे, जिसमें ग्राहक सस्ते सामान मिलने पर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देंगे।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने जनपदों में स्थानीय निकाय, व्यापारी संगठन, किसान और आम जनता से संवाद कर उन्हें अभियान का लाभ समझाएं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगा, बल्कि स्वदेशी को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार करेगा।
