लखनऊ

अफसरों के सामने हार गया किसान...छह सालों से जिंदा होने का सबूत दे रहे थे बुजुर्ग, तहसील में ही तोड़ दिया दम

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 19, 2022, 01:08 AM IST

बुजुर्ग किसान को छह साल पहले कागजों में मृत घोषित कर दिया गया था। वो पिछले छह सालों से अपने जिंदा होने का सबूत दे रहे थे।

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जिंदा साबित करने के चक्कर में गई बुजुर्ग की जान (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

यूपी के संतकबीर नगर से अधिकारियों की लापरवाही का एक शर्मनाक नमूना सामने आया है। एक बुजुर्ग किसान ने खुद को कागजों पर जिंदा करने की कोशिश करते-करते दम तोड़ दिया।

आरोप है कि बुजुर्ग के भतीजे ने संपत्ति को हड़पने के लिए लेखपाल के साथ मिलकर साजिश रची। दरअसल बुजुर्ग के भाई की मौत 2016 में हो गई थी। जिनकी मौत हुई उनके बेटों ने इसी का फायद उठाया और अपने पिता की जगह मृतक के रूप में चाचा का नाम लिखवा दिया। तहसील के अधिकारियों के साथ मिलकर भतीजे ने खेल खेला और बुजुर्ग की संपत्ति पर कब्जा जमा लिया।

इस घटना के बारे में जब बुजुर्ग को जानकारी हुई तो वो अफसरों के पास पहुंचे, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। एक अधिकारी से लेकर दूसरे अधिकारी तक वो खुद के जिंदा रहने का सबूत देते रहे और अधिकारी उन्हें छह सालों तक टहलाते रहे। काफी कोशिशों के बाद सीओ के पास उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुधवार को बुलाया गया था।

बुजुर्ग किसान चलने फिरने में असमर्थ थे, फिर भी अधिकारियों के सामने चक्कर लगाते रहे। बुधवार को सीओ कार्यालय पहुंचे तो उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। इससे पहले कि उनका बयान दर्ज होता, उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद तहसील में हंगामा मच गया, अधिकारी सफाई देने लगे।आखिर जिस बुजुर्ग की मौत छह साल पहले भ्रष्ट अधिकारियों ने कागजों में दिखाई थी, उसे अब उन्हें किस मुंह से फिर से मरा हुआ दिखाते।

अब अधिकारी कह रहे हैं कि संपत्ति उनके नाम किए जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर छह साल तक अधिकारी क्या कर रहे थे? आज मौत के बाद जिस संपत्ति को अधिकारी उनके परिवार के नाम करने की बात कह रहे थे, वो इतने दिनों से क्यों नहीं हुआ?

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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