लखनऊ

UP Industrial Cities: 23 जिलों के 84 गावों के किस्मत का खुलेगा ताला, 3 एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होंगे औद्योगिक शहर

यूपी सरकार 23 जिलों की तहसीलों के तहत आने वाले 84 गांवों को औद्योगिक शहर बसाने के लिए चुना है। राज्य में तीन एक्सप्रेसवे के किनारे के 32 जिलों में औद्योगिक शहरों का नेटवर्क होगा।

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फाइल फोटो

Photo : BCCL

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का जाल लगातार बढ़ता जा रहा है। इन एक्सप्रेसवे के किनारे योगी सरकार औद्योगिक शहर बसाने के लिए प्रयासरत है। जहां-जहां ये नए शहर बसाने हैं उन सभी जिलों में अब जमीन खरीदने का काम शुरू होगा। यह सभी औद्योगिक शहर एक्सप्रेस-वे के किनारे डेवलप किये जाएंगे। योगी सरकार ने वन ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने का भी लक्ष्य बनाया गया है। ऐसी संभावना है कि इससे लाखों रोजगार भी विकसित किये जाएंगे।

23 जिलों के 84 गावों की जमीन होगी अधिग्रहित

औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अनिल सागर ने अधिसूचित करते हुए बताया कि तीन एक्सप्रेस वे के 23 जिलों की तहसीलों के तहत आने वाले 84 गांवों को औद्योगिक शहर के लिए चुना गया है। सरल किसान के लेख के अनुसार, अब यूपीडा इन सभी गांवों में जमीन अधिग्रहण का काम शुरू करेगा। हर औद्योगिक शहर के लिए 100 एकड़ से 600 एकड़ तक की जमीन अधग्रहित की जाएगी। इसके बाद अब जल्दी ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक शहर के लिए गांव अधिसूचित किए जाएंगे। इस तरह कुल मिला कर औद्योगिक शहरों का नेटवर्क 32 जिलों तक फैला होगा।

सरल किसान के लेख के अनुसार, यूपीडा जमीन अधिग्रहीत करने के बाद यहां बुनियादी सुविधाओं का विकास करेगा और इसके बाद निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए प्लाट उपलब्ध कराएगा.

गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे चमकेंगे गांव

मेरठ की तहसील मेरठ सदर के बजौली, खरखौदा, -हापुड़ की गढ़मुक्तेश्वर के मैना सदरपुर, चुचावली, वहापुर ठेरा, अमरोहा की हसनपुर तहसील के मंगरौला, रुस्तमपुर खादर, दौलतपुर कलों, संभल की सदर संभल तहसील के खिरनी मोहिउउ्दीनपुर, बसला, अझरा, बदायूं की सदर बदायूं तहसील के औरंगाबाद माफी, घटपुरी, उन्नाव सदर तहसील के मुर्तजानगर, सौनिक सराय कटियान,शाहजहांपुर की जलालाबाद का गुलड़िया, हरदोई की सवायजपुर तहसील के कौशिया, सरसई, दिवनियापुर सरसई, सेमरझोला, रायबरेली की डलमऊ तहसील के ऐरहार रनमऊ सुल्तानुपर जाला, प्रतापगढ़ कुंडा के गुजवर व प्रतापपुर चेरगढ़, प्रयागराज के सोरांव तहसील के माधोपुर मलाक चेतुरी, जूडापुर डांडू, बारी और शिवगढ़ शामिल हैं।

बुंदेलखंड एक्‍सप्रेस-वे किनारे ये गांव होंगे शामिल

कर्वी-चित्रकूट गोंडा अकबरपुर, पहरा, बांदा सदर- बांदा के महोखर, जमालपुर, बरगहनी, हमीरपुर राठ के इंगुही, धनौरी, महोबा सदर के खन्ना, जालौन की उरई तहसील के कुसमिलिया, डकोर, टिमरो और औरैया के मिहौली व निगड़ा शामिल हैं।

इन सभी जिलों की तहसीलों को प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ मिल पाएगा. इस योजना से लाखों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना भी जताई गई है।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की तहसीलें चिन्हिंत

लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील के कासिमपुर बिरुहा व चांदसराय, बाराबंकी हैदरगढ़ के बमरौली, सतरही घरकुईया, पिछारूआ, बहरामपुर, अंदऊमऊ, अमेठी मुसाफिरखाना के सेवरा, हुसेनपुर, सिंधियावां, ऊंचगांव, सुल्तानपुर की जयसिंहपुर तहसील के कारेबन, महमूद सेमरी, लठवा, कल्यानपुर, विशुनदासपुर, चांदपुर, चिरानेडीह, सवई, अमिलिया सिकरा, सेमरी, गाजीपुर की मुहम्मदाबाद तहसील के चकबाला, चकडुमरिया, अवथही बसंत, बाघौरी टी सोनारी, चकभिखू, महेशपुर, मच्छटी, सोनाडी, चकफातमा, चक गिरधरिया, भोपतपुर सोनारी, अबेडकरनगर के जगदीशपुर, मुसलिमपुर, खानजहांपुर, बेवाना गांव में जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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