लखनऊ

Public Holiday: UP वालों की बल्ले-बल्ले, 11 अक्टूबर को रहेगी छुट्टी

उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर रामनवमी को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है।

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Public Holiday: UP वालों की बल्ले-बल्ले, 11 अक्टूबर को रहेगी छुट्टी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न संगठनों की मांग एवं नवमी का त्योहार कल पड़ने के दृष्टिगत आवश्यक सेवाओं को छोड़ते हुए 11 अक्तूबर 2024 यानी नवमी को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के निर्देश दिये हैं। इस प्रकार से नवमी, दशमी के साथ रविवार की छुट्टी को मिलाकर लगातार 3 दिन की छुट्टी का इंतजाम हो गया है।

यूपी सरकार के बेसिक शिक्षा मंत्री मंदीप सिंह ने रामनवमी के मौके पर सभी सरकारी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। इसके अलावा सरकार अन्य विभागों में भी (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) छुट्टी का ऐलान किया है। योगी के मंत्री ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा कि सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में रामराज्य की भावना को साकार करने का प्रयास हो रहा है। लिहाजा, रामनवमी के अवसर पर प्रदेश में शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में अवकाश रखा जाएगा।

अवकाश के लिए उठी थी मांग

आपको बता दें कि सचिवालय के कर्मचारियों ने सामान्य प्रशासन विभाग से 11 अक्टूबर को रामवनमी के अवसर पर अवकाश करने की मांग की थी। इस संबंध में प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव से कंप्यूटर और सहायक समीक्षा अधिकारी संघ के पूर्व उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा और सचिवालय संघ की कार्यकारिणी सदस्य मानस मुकुल त्रिपाठी ने मुलाकात की थी। लिहाजा, डीओपीटी ने 11 अक्टूबर को निबंधित अवकाश घोषित किया है। ऐसे में प्रदेश में अवकाश घोषित होना सुनिश्चित हुआ। आपको बता दें कि प्रत्येक वर्ष नवमी के दिन अवकाश होता है।

दशहरे के बाद 31 अक्टूबर को दीपावली की छुट्टी है, जबकि छोटी दिवाली पर सरकारी अवकाश नहीं होता है। हालांकि 20 अक्टूबर को करवा चौथ का अवकाश महिला कर्मचारी ले सकती हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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