लखनऊ

लोकसभा चुनाव से पहले CM Yogi का बड़ा ऐलान, पात्र पाए जाने पर मिलेगी PM किसान सम्मान योजना की पुरानी किश्त

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 24, 2023, 01:36 PM IST

PM Kisan Samman Nidhi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जिन किसानों को अब तक PM किसान सम्मान योजना का लाभ किसी वजह से नही मिला है, उनके पात्र पाए जाने पर किसानों को पिछली किश्तें भी मिलेंगी।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Photo : Twitter

PM Kisan Samman Nidhi: लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सीएम योगी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र पाए जाने पर किसानों को पुरानी किश्तें भी लौटाने का वादा किया है। सीएम योगी ने कहा है कि जिन किसानों को अब तक PM किसान सम्मान योजना का लाभ किसी वजह से नही मिला है, उनके पात्र पाए जाने पर किसानों को पिछली किश्तें भी मिलेंगी।

सीएम योगी की ओर से यह ऐलान पीएम किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत एक कार्यक्रम के दौरान किया। उन्होंने कहा, अब तक योजना से वंचित किसानों को भी इससे जोड़ा जाएगा।

देश के एजेंडे में शामिल हुआ किसान और श्रमिक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान कहा, बीते नौ सालों में देश की जनता ने बदलते भारत को देखा है। उन्होंने कहा, पहले किसान और श्रमिक देश के एजेंडे में नहीं होते थे। उनके नाम के नारे लगाए जाते थे, लेकिन कभी शासन की योजनाओं का उन्हें लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा, भाजपा सरकार ने किसानों और श्रमिकों को देश के एजेंडे में शामिल किया। सीएम योगी ने कहा, 2017 से लेकर 2022 तक हमने उत्तर प्रदेश में पीएम कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत 22 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई योजना से जोड़ा है।

यूपी में दो करोड़ से ज्यादा किसानों को मिल रहा लाभ

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, पीएम मोदी ने 2018 में किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की थी। आज उत्तर प्रदेश के दो करोड़ 63 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा, पहले किसान परेशान रहता था, उसे समय पर बीच और खाद नहीं मिलता था, लेकिन आज किसान खुशहाल है। सीएम योगी ने कहा, आज दलहन, तिलहन फसलों को एमएसपी दिया जा रहा है। सरकार ने किसानों के लिए कई कदम उठाए हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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