Shravasti Noori Baba Fake Currency Case: श्रावस्ती के नूरी बाबा काण्ड में नया मोड़ आया है। अब नूरी बाबा उर्फ मुबारक अली के केस की जांच एसआईटी करेगी। पुलिस अधीक्षक घनश्याम चौरसिया के निर्देश पर इस जांच टीम का गठन किया गया है। एसआईटी की टीम नूरी बाबा के कबाड़ी होने से लेकर नकली नोट छापने और पाकिस्तानी प्रेम के सफर तक सभी बिंदुओं पर गहराई से जांच करेगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कबाड़ी से नकली नोट छापने का सफर
जानकारी के अनुसार नूरी बाबा का मल्हीपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गंगापुर का निवासी है। उसका असली नाम मुबारक अली है। पहले वह कबाड़ी का काम करता था, फिर नकली नोट छापने लगा। अब उसके पाकिस्तानी प्रेम के संकेत भी मिले हैं। पुलिस ने उसे नकली नोटों के साथ 31 दिसंबर को लक्ष्मणपुर गंगापुर स्थित मदरसे से चार अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में पता चला की नूरी बाबा मदरसे का प्रबंधन संभालता था, साथ ही झाड़-फूंक का काम भी करता था।
सोशल मीडिया पर दिखा पाकिस्तानी प्रेम
नूरी बाबा के मदरसे की छत के ऊपर हिंदुस्तान का तिरंगा लगा है। लेकिन अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उसका पाकिस्तानी प्रेम दिखा। 7 अक्टूबर 2017 को नूरी बाबा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर खुद की तस्वीर को पाकिस्तानी झंडे के साथ पोस्ट किया था लगाया था। जिससे सवाल उठता है कि मदरसे के अंदर आखिर किस तरीके की पढ़ाई हो रही थी। कहीं इस पाकिस्तानी प्रेम के तार आईएसआई से तो नहीं जुड़े हैं। नूरी बाबा पर यह भी आरोप है कि वह रमजान के महीने में मुंबई जाकर चंदा वसूल किया करता था। वह पड़ोसी देश नेपाल भी अक्सर जाया करता था। अब एसआईटी की टीम इन सभी पहलुओं पर गहराई से जांच करेगी।
