UP News: उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में कुछ महीने पहले एक अफवाह शुरू हुई और यह अब चलते चलते पूर्वी इलाकों तक पहुंच गई है। यह अफवाह है ड्रोन का इस्तेमाल कर चोरी किए जाने की। रायबरेली से कानपुर और इटावा से बलिया तक, ‘ड्रोन चोर’ की कहानियां लोककथाओं का रूप ले चुकी हैं। यह विषय चाय की दुकानों से लेकर गांव की गलियों तक हर जगह चर्चा का केंद्र बन गया है। हालांकि, पुलिस ने इन अफवाहों को मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया है, लेकिन डर का प्रभाव जानलेवा होता जा रहा है।
'ड्रोन चोर' के शक में पीटकर मारा
रायबरेली में, पुलिस ने शनिवार को फतेहपुर के 38 वर्षीय हरिओम को ‘ड्रोन चोर’ समझकर कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डालने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर मानसिक रूप से विक्षिप्त हरिओम दांडेपुर जमुनापुर स्थित अपने ससुराल जा रहा था, तभी भीड़ ने उसे घेर लिया और उस पर चोरी के इरादे से ड्रोन से घरों को चिह्नित करने वाले गिरोह का सदस्य समझकर उसे बुरी तरह पीटा था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
एक दिन पहले हुई थी ड्रोन को लेकर कार्रवाई
रायबरेली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) यशवीर सिंह ने गिरफ्तारियों की पुष्टि की और कहा कि ऊंचाहार थाना प्रभारी (एसएचओ) संजय कुमार का लापरवाही के आरोप में तबादला कर दिया गया है। सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, "स्थानीय पुलिस को पता था कि इलाके में अफवाहें फैल रही हैं।" हत्या से ठीक एक दिन पहले, रायबरेली पुलिस ने दो लोगों, लखनऊ के मोहम्मद जुनैद और सीतापुर के मोहम्मद ओवैश को पीएसी कॉलोनी के पास बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि फर्नीचर का कारोबार करने वाले दोनों लोग मनोरंजन के लिये ड्रोन से वीडियो बना रहे थे, लेकिन उनकी गतिविधियों से आस-पास के गांवों में नई अफवाहें और दहशत फैल गई।
कानपुर में भी हुई थी पिटाई
कानपुर में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। बिधनू के खेरसां इलाके में, पिछले हफ्ते एक मानसिक रूप से विक्षिप्त एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर दी गई थी, जब ग्रामीणों ने उसे ड्रोन ऑपरेटर समझ लिया था। कानपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रबल प्रताप सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, "कानपुर में कहीं भी ड्रोन से चोरी की एक भी सत्यापित घटना नहीं हुई है।’’ उन्होंने लोगों से कानून को अपने हाथ में नहीं लेने, बल्कि पुलिस को सूचित करने की अपील की।
जिले के एक अन्य इलाके, महाराजपुर के घाघूखेड़ा गांव में, ग्रामीणों ने एक खेत में छिपे एक व्यक्ति को ड्रोन से चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य होने के शक में लगभग मार ही डाला था, लेकिन पुलिस ने उसे समय रहते बचा लिया।
पुलिस चला रही अभियान
माधौगढ़ और रामपुरा में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जहां घूमते-फिरते फेरीवालों को भीड़ ने इस शक में पीटा कि वे "घरों पर नज़र रखने वाले" ड्रोन चोर हैं। सिरसा कलार के एक विक्रेता ने कहा, "हम अब बर्तन भी नहीं बेच सकते।" स्थिति को काबू में रखने के लिये कानपुर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जनता के बीच जाकर अफवाहों को रोकने और शांति बनाए रखने के लिये अभियान चला रहे हैं। डीसीपी (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी, एडीसीपी राजेश कुमार और एसीपी कृष्णकांत यादव ने साढ़, पतारा और घाटमपुर में जनसभाएं कीं और लोगों से अफवाहों का शिकार न होने की अपील की। चौधरी ने कहा, "अगर कोई भी झूठी खबर फैलाता है या निर्दोषों पर हमला करता है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
पूर्वांचल में भी अफवाह
यह डर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में फैल गया है। हमीरपुर, प्रतापगढ़, इटावा, देवरिया और यहां तक कि बलिया तक, जो व्हाट्सएप फॉरवर्ड, छेड़छाड़ करके बनाए गए वीडियो और पुराने क्लिप्स के नए रूप में वायरल हो रहा है। शिवराजपुर और एटा में ग्रामीण रात को चौकसी बरत रहे हैं। हमीरपुर की पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीक्षा शर्मा ने कहा कि एक भी शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अफवाहों के कारण आम तौर पर शांत रहने वाले गांवों में भी भय का माहौल है।
बढ़ गई हैं शिकायतें
लखनऊ के अधिकारी इस घटना को "सामूहिक फियर सिंड्रोम" बता रहे हैं। राज्य की ‘यूपी-112’ आपातकालीन लाइन पर ड्रोन के जरिये चोरी की सूचना देने वाले कॉल में भारी वृद्धि हुई है, किसी भी मामले में ड्रोन से जुड़े वास्तविक अपराध की पुष्टि नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री ने दिए हैं निर्देश
इस अफवाह से निपटने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगस्त में सभी जिलों को ड्रोन रजिस्टर बनाए रखने, रात में ड्रोन उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर गैंगस्टर एक्ट या राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये थे। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले खातों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने एक अक्टूबर को बलरामपुर जिले में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी चेतावनी दोहराई। मुख्यमंत्री ने कहा, "ड्रोन के नाम पर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने और चोरी के नाम पर आतंक फैलाने वालों की संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए गए हैं।"
नहीं कम हो रहा डर
इन सबके बावजूद ग्रामीण इलाकों में डर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इटावा में परिवार बारी-बारी से रात में जाग रहे हैं। देवरिया में बच्चों को सूर्यास्त के बाद घर से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा गया है। बलिया में, किसानों ने बताया है कि वे आसमान में मशालें जलाकर सतर्कता बरत रहे हैं। गोरखपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से भी ऐसी ही शिकायतें मिली हैं।
