लखनऊ: देश का पहला नौसेना शौर्य संग्रहालय यूपी की राजधानी लखनऊ में बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सीजी सिटी में भूमि पूजन के बाद इसका शिलान्यास कर दिया। इस खास मौके पर नौसेना के एडमिरल स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। इस शौर्य संग्रहालय में आईएनएस गोमती के टारपीडो मिसाइल, गन और नौसेना के इतिहास से जुड़ी चीजों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा नौसेना की जानकारी देने के लिए डिजिटल इंट्रिपेशन सेंटर भी तैयार होगी। सिंधु घाटी की सभ्यता के समय के जलयान को भी दर्शाया जाएगा।
CM योगी ने कही ये बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौसेना शौर्य संग्रहालय के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि यह भारत के शौर्य और पराक्रम का माध्यम बनेगा। इसके जरिए युवा पीढ़ी को भारतीय सेना और उनके शौर्य व पराक्रम के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। यह PM मोदी के आत्मनिर्भर भारत के अभियान को गति प्रदान करेगा।
नौसेना का लखनऊ से गहरा नाता-चीफ वाइस एडमिरल
नौसेना के पश्चिमी कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ और नौसेना का गहरा रिश्ता है। आईएनएस गोमती का नाम लखनऊ से बह रही गोमती के नाम पर रखा गया है। इसके क्रिस्ट पर छतर मंजिल का चिन्ह शुसोभित होगा। सभी जानते हैं कि पूरे विश्व के ट्रेड लगभग समुद्र के रास्ते से होते हैं। लिहाजा, समुद्र देश की खुशहाली के लिए अहम कड़ी है। उन्होंने, जानकारी देते हुए बताया कि करीब चार हजार साल पहले गुजरात में पहला पानी का जहाज बनाया गया था। अग्निपथ के लिए भी ये संग्रहालय युवाओं को प्रेरणा प्रदान करेगा। हमें आशा है कि भारतीय नौसेना में जल्द ही नया आईएनएस गोमती शामिल होगा।
23 करोड़ रुपये की लागत
आपको बता दे कि गोमती नदी तट पर करीब 37200 वर्ग मीटर क्षेत्र में संग्राहलय फैला होगा। गोमतीनगर विस्तार में ईकाना स्टेडियम के गेट नंबर 5 के सामने यह संग्रहालय 7 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। सीएम योगी ने 21अक्टूबर 2023 को नौसेना शौर्य संग्रहालय की आधारशिला रख दी है। देश के पहले नौसेना संग्रहालय में नेवी से रिटायर हो चुके आईएनएस गोमती युद्धपोत और उससे संबंधित मिसाइल, टारपीडो, कैनन व अन्य उपकरण प्रदर्शनी के लिए रखे जाएंगे। नौसेना के शौर्य संग्रहालय में भारत के 5000 साल पुराने नौ सैनिक इतिहास से संबंधित अहम जानकारियां मुहैया कराई जाएगी। इसमें सिंधु नदी घाटी सभ्यता में हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे शहरों में किस तरह से नदी के माध्यम से जल यात्राएं होती थी, इसका चित्रों के जरिए प्रदर्शन किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह संग्रहालय बच्चों के लिए काफी शिक्षाप्रद रहेगा। इसकी लागत 23 करोड़ रुपये है।
32 करोड़ पर्यटक विजिट
पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर की स्थापना भी होगी। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में माफियाराज था। अब देश और विदेश में आपके राज्य के कानून के राज की चर्चा है। प्रदेश ने रिकॉर्ड सर्वाधिक 32 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित किया है। वहीं, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि यह संग्रहालय लखनऊ के पर्यटन में अहम रोल निभायेगा। नेवी की व्यापारिक, सामरिक और आंतरिक सुरक्षा से युवा अवगत होंगे। ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लिए पर्यटन और संस्कृति बहुत महत्वपूर्ण हैं।
