लखनऊ

मुख्तार, हाजी इकबाल और विजय मिश्रा... योगी सरकार ने जारी की टॉप 25 माफिया की सूची; देखें पूरी लिस्ट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 18, 2023, 07:05 AM IST

UP Top 25 Mafia List: अतीक की हत्या के बाद योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दल लगातार प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर हमला साध रहे हैं। इस बीच सरकार की ओर से प्रदेश के टॉप 25 माफिया की सूची जारी की गई है।

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Photo : BCCL

UP Top 25 Mafia List: माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद योगी सरकार एक्शन के मूड में है। कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के सवालों के बीच सरकार ने प्रदेश के टॉप माफिया की सूची जारी की है। इसमें 25 नाम शामिल किए गए हैं, जिसमें विजय मिश्रा, हाजी इकबाल उर्फ बाला, सुनील राठी जैसे कुख्यातों के नामों को शामिल किया गया है।

इसके अलावा योगी सरकार की ओर से जारी की गई सूची में बदन सिंह उर्फ बद्दो व अंबेडकरनगर के अजय सिपाही का नाम भी शामिल है। इस लिस्ट में मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह उर्फ पवन सिंह, संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा, ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू, सुशील, सलीम, रुस्तम, सोहराब व अन्य माफिया के नाम भी शामिल हैं।

योगी सरकार की लिस्ट में कौन-कौन

योगी सरकार की सूची में मेरठ जोन के उधम सिंह, योगेश भदोड़ा, बदन सिंह उर्फ बद्दो, हाजी याकूब कुरैली, शारिक, सुनील राठी, धर्मेंद्र, यशपाल तोमर, अमर पाल उर्फ कालू, अनुज बारखा, विक्रांत, हाजी इकबाल, विनोद शर्मा, सुनील उर्फ मूंछ, संजीव माहेश्वरी, विनय त्यागी, आगरा जोन के अनिल चौधरी, त्रषि कुमार शर्मा, बरेली जोन के एजाज व कानपुर के अनुपम दुबे का नाम शामिल था। वहीं लखनऊ से खान मुबारक, अजय सिपाही, संजय सिंह सिंघाला, अतुल वर्मा, कासिम, प्रयागराज से डब्बू सिहं, सुधाकर सिंह, गुड्डू सिंह,अनूप सिंह वाराणसी जोन से मुख्तार अंसारी, त्रिभुवन सिंह, विजय मिश्रा, ध्रुव सिंह, अखंड प्रताप सिंह, रमेश सिंह उर्फ काका का नाम शामिल है। गोरखपुर से इस सूची में संजी व द्विवेदी, राकेश यादव, सुधीर कुमार सिंह, विनोद कुमार, राजन तिवारी, रिजवान जहीर, देवेंद्र सिंह, गौतमबुद्ध नगर से सुंदर भाटी, सिंहराज भाटी, अमित कसाना, अनिल भाटी, रणदीप भाटी, मनोज उर्फ आसे, अनिल दुजाना का नाम शामिल है।

सपा ने भी जारी की थी एक सूची

अतीक की हत्या के बाद समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला था। सपा ने भाजपा पर आरोप लगाऐ हुए एक सूची जारी की थी और कहा था कि इसमें ज्यादातर अपराधी भाजपा का समर्थन करते हैं। इस सूची में कुलदीप सिंह सेंगर, धनन्जय सिंह, बृजेश सिंह, राजा भईया, डॉ.उदयभान सिंह, अशोक चंदेल, विनीत सिंह, बृजभूषण सिंह जैसों के नाम शामिल थे। इसके साथ ही सपा ने इन सभी पर दर्ज आपराधिक मुकदमों की भी लिस्ट जारी की थी।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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