लखनऊ

लखनऊ में अब गाल, जीभ और स्तन कैंसर का मिलेगा सटीक इलाज, इस संस्थान में लगेंगी आधुनिक मशीनें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 20, 2023, 01:21 PM IST

Lucknow Cancer Institute: लखनऊ का कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान बहुत जल्द मौजूदा क्षमता से कही ज्यादा मरीजों का इलाज करने में सक्षम होगा। संस्थान में जल्द ही 20 करोड़ से छह लिनियर एक्सीलरेटर मशीन, ब्रेकीथेरेपी और 4 डीसीटी मशीन लगेंगी। साथ ही कैंसर मरीजों को आधुनिक तकनीक से उपचार मुहैया कराया जाएगा।

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कैंसर संस्थान में मरीजों को मिलेगा आधुनिक मशीनों से इलाज

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KEY HIGHLIGHTS
  • लखनऊ के कैंसर संस्थान में आएंगी 20 करोड़ से आधुनिक मशीनें
  • कैंसर संस्थान में मरीजों को मिलेगा आधुनिक मशीनों से इलाज
  • 10 करोड़ से खरीदी जाएगी ब्रेकी थेरेपी मशीन

Cancer Modern Machines: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में आने वाले मरीजों को आधुनिक मशीनों से इलाज मिलेगा। संस्थान के रेडियोथेरेपी विभाग में 20 करोड़ रुपये से आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी। कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि संस्थान में ब्रेकी थेरेपी मशीन नहीं है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से मशीन खरीदी जाएगी। इस मशीन से जीभ, गाल, स्तन और बच्चेदानी समेत दूसरे अंगे के कैंसर का सटीक इलाज होगा।

एमआरआई, डिजिटल मैमोग्राम, छह लिनियर एक्सीलरेटर मशीन, ब्रेकीथेरेपी और 4 डीसीटी मशीन भी यहां लगाई जाएंगी। इन मशीनों की मदद से विभिन्न प्रकार के कैंसर के मरीजों को पहले के मुकाबले ज्यादा सटीक इलाज मिलेगा।

नई मशीन से ली जाएंगी 20 हजार तस्वीरें

रेडिएशन आंकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. शरद सिंह के मुताबिक, अभी दो लीनैक मशीनों में रोज करीब 100 कैंसर मरीजों की सिंकाई की जा रही है। इसके अलावा 4डीसीटी मशीन से सीटी स्कैन के साथ ही कैंसर वाली जगह पर सटीक रेडिएशन देना मुमकिन होगा। साथ ही स्वस्थ्य कोशिकाओं को भी न के बराबर नुकसान होगा। जबकि रोगियों को रेडिएशन के नुकसान की आशंका को 50 प्रतिशत तक कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्तन और फेफड़े सहित दूसरे अंगों के कैंसर के उपचार में मशीन उपयोगी होगी। क्योंकि अभी एमआरआई मशीन से जांच की जा रही है। रोगी जब सांस लेता है तो ट्यूमर हिल जाता है। ऐसे में ट्यूमर की सही जगह की पता नहीं चल पाती है। जबकि नई मशीन से 20 हजार तस्वीरें ली जाएंगी।

कैंसर मरीजों को इलाज के लिए जागरूक फैलाने की है जरूरत

रेडियोथेरेपी विभाग के डॉ. प्रमोद गुप्ता के अनुसार, कैंसर मरीजों को आधुनिक तकनीक से उपचार मुहैया कराया जा रहा है। नतीजतन मरीजों को उपचार के कम दुष्प्रभाव हो रहे हैं। उपचार से बीमारी जल्द काबू में आ रही है। उन्होंने बताया कि कैंसर मरीजों को इलाज के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। अभी भी 60 से 70 प्रतिशत मरीज समय पर अस्पताल नहीं आते। तीसरी या चौथी स्टेज में आने वाले मरीजों का उपचार कठिन होता है। लक्षणों को पहचान कर शुरूआती स्टेज में इलाज कराएं। इससे कैंसर का मुकाबला करना आसान होगा।
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