सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर लखनऊ परिवहन आयुक्त का कड़ा रुख
राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को आयोजित बस ऑपरेटरों की अहम बैठक में परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने साफ संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने परमिट शर्तों के उल्लंघन, ओवरलोडिंग और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त ए.के. विश्वकर्मा, संजय सिंह, मयंक ज्योति, सगीर अहमद अंसारी, राधेश्याम और प्रभात पांडेय जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में हुई बस दुर्घटनाओं की प्रमुख वजहें ड्राइवरों की थकान, ओवरस्पीडिंग, नियमों की अनदेखी और वाहनों की फिटनेस समाप्त हो जाना रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों और घायलों की संख्या में 50% की कमी लाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है। बैठक में ओवरलोडिंग और लंबित चालानों को लेकर भी चर्चा हुई। यह सामने आया कि कई बसें लंबे समय से चालान का भुगतान नहीं कर रही हैं।
स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सख्ती दिखाई गई है। जिन स्कूल वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, उन्हें तत्काल संचालन से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, निजी बस अड्डों के निर्माण को प्रोत्साहित करने, लंबी दूरी की बसों में दो ड्राइवरों की अनिवार्यता और चालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करने के भी निर्देश दिए गए। परिवहन आयुक्त ने ट्रांसपोर्ट यूनियनों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सभी की जिम्मेदारी है, और अब किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।