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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के खुलने का कर रहे हैं इंतजार? जानें कब तक पूरा हो जाएगा काम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और कानपुर के बीच सफर को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का काम इसी साल पूरा हो जाएगा। जानकारी के अनुसार दिसंबर के पहले हफ्ते तक निर्माण कार्य पूरा हो सकता है। 63 किमी लंबा यह छह लेन का एक्सप्रेसवे यात्रा के समय को घटाकर मात्र 35-40 मिनट कर देगा, जिससे यूपी को नई रफ्तार मिलेगी।

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इसी साल बनकर तैयार हो जाएगा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच हर रोज हजारों यात्री सफर करते हैं। दोनों शहरों के बीच यात्रा अब और तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने जा रही है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है और लंबे समय से लोगों को इसके पूरा होने का इंतजार है। NHAI अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे दिसंबर के पहले हफ्ते तक पूरा हो जाएगा और उद्घाटन के लिए तैयार होगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रोजेक्ट 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद ट्रायल रन होगा और इसके पश्चात इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोले जाने के बाद लखनऊ से कानपुर तक की दूरी तय करने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। फिलहाल दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में 1 से 3 घंटे तक का समय लगता है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के खुल जाने के बाद यह सफर मात्र 35 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। बता दें कि एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 के समानांतर चलेगा, जो अभी दोनों शहरों को जोड़ता है। इस नए बन रहे एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) घोषित किया गया है।

63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे शहीद पथ (लखनऊ) से शुरू होकर आजाद मार्ग (कानपुर) तक बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे को 6 लेन का बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के बाद उत्तर प्रदेश के विकास का एक अहम प्रतीक बनेगा।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर तीन रेस्ट एरिया - अडेरवा, पदरी खुर्द और उन्नाव में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर 10-बेड का अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और एम्बुलेंस सेवा भी उपलब्ध होगी। एक्सप्रेसवे बानी, कांठा और अमरासास से होकर गुजरेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि एक्सप्रेसवे के किनारे किसी भी प्रकार की शराब की दुकानें नहीं होंगी। भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार ने लखनऊ और उन्नाव के किसानों को 800 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया है, जिससे 42 गांवों को सीधा लाभ मिला है।

NHAI के रीजनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर संजीव शर्मा के अनुसार, उन्नाव से बंथरा तक का काम पूरा हो चुका है, जबकि लखनऊ का एलिवेटेड सेक्शन भी जल्द ही तैयार हो जाएगा। दिसंबर में यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की नई रफ्तार साबित होगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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