लखनऊ

Lucknow: मरीजों को चढ़ा दी एक्सपायर्ड इंजेक्शन की बोतल, बिगड़ी हालत तो खुली पोल; ESIC हॉस्पिटल का मामला

लखनऊ के सरोजनीनगर में स्थित ESIC अस्पताल में चिकित्सा स्टाफ की लापरवाही के कारण मरीजों की जान खतरे में पड़ गई है। अस्पताल में भर्ती चार मरीजों को एक्सपायर्ड इंजेक्शन दिया गया, जिसकी वजह से उन्हें अचानक बेचैनी और उलझन का सामना करना पड़ा। इस स्थिति को देखकर मरीजों के परिजनों ने इंजेक्शन की जांच की तो मामला खुला।

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मामला खुलने पर परिजनों ने अस्पताल में काटा बवाल (सांकेतिक तस्वीर)

लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित ESIC हॉस्पिटल में एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई जब चार मरीजों को एक्सपायर्ड इंजेक्शन देने का मामला उजागर हुआ। मरीजों को इंजेक्शन लगने के बाद उन्हें अचानक बेचैनी और घबराहट जैसी समस्याएं होने लगीं, जिसके बाद परिजनों ने इंजेक्शन की शीशी की जांच की। जांच में पता चला कि इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट नवंबर 2024 थी।

घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लोगों को शांत कराया।

जानकारी के अनुसार, हरदोई निवासी तारा देवी को पेट दर्द की शिकायत के बाद बेटे ओमप्रकाश ने अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि उन्हें एक इंट्रावेनस इंजेक्शन चढ़ाया गया, जिसकी एक्सपायरी डेट बीत चुकी थी। दवा की बोतल पर दिसंबर 2021 की मैन्यूफैक्चरिंग तिथि दर्ज थी और इसकी वैधता नवंबर 2024 तक थी।

इसी तरह, पारा की रीता अवस्थी, जो बेड नंबर एक पर भर्ती थीं, उन्हें भी यही एक्सपायर्ड इंजेक्शन दिया गया। उनके भाई शशिकांत मिश्र ने मेडिकल स्टाफ पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने खुद शीशी पर तारीख देखी और विरोध जताया। हालांकि, डॉक्टरों का कहना था कि एक्सपायर्ड दवा से कोई नुकसान नहीं होता।

इस पूरे घटनाक्रम ने ESI अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि समय रहते इंजेक्शन की बोतल रोक दी गई थी, लेकिन तब तक दवा का एक हिस्सा मरीजों के शरीर में पहुंच चुका था। अस्पताल में भर्ती अन्य मरीज और उनके परिजन अब भी डरे हुए हैं और प्रशासन से जवाब की उम्मीद कर रहे हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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