Heliports built In Mathura And Agra: उत्तर प्रदेश को पर्यटकों की पहली पसंद बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। अब ताजनगरी आगरा और मथुरा में हेलीपोर्ट बनेंगे। हेलीपोर्ट अगले दो महीने में तैयार हो जाएंगे। इसके साथ ही पौराणिक तीर्थ स्थल नैमीषारण्य का बड़े पैमाने पर विकास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि यूपी को पूरे विश्व में अलग पहचान देने की कोशिश की जा रही है। रेल, पानी और वायु कनेक्टिविटी का विस्तार कर सैलानियों को प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्व के विश्व प्रसिद्ध स्थलों की तरफ आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है। प्रयास है कि पर्यटकों की पहली पसंद यूपी बने। इसीलिए फरवरी में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म पर जोर दिया जा रहा है।
यूपी की राजधानी लखनऊ में एक होटल में मंत्री जयवीर सिंह ने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूपी में नई पर्यटन नीति-2022 जारी की गई है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे विशेष महत्व वाले स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसको देखते हुए नैमिषारण्य के पर्यटन विकास के लिए नैमिषारण्य तीर्थ विकास बोर्ड का गठन किया गया है।
आगरा एवं मथुरा में हेलीपोर्ट का निर्माण दो से तीन माह में पूरा होगा
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इसके पौराणिक महत्व के हिसाब से इस इलाके को विकसित किया जाएगा। राजस्थान की तर्ज पर बुंदेलखंड के किलो, महलों और गढ़ी को पीपीपी मॉडल पर विकसित कर सैलानियों को ठहराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आने वाले सैलानियों को मथुरा, आगरा, वृंदावन और फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक स्थलों की सैर के लिए आगरा एवं मथुरा में हेलीपोर्ट का निर्माण दो से तीन माह में पूरा करा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोशिश है कि प्रदेश में आने वाले पर्यटक यहां कम से कम 4 दिन प्रवास करें।
एक साल में सात करोड़ पर्यटक काशी पहुंचे
काशी विश्वनाथ में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है। एक साल में सात करोड़ पर्यटक काशी का दौरा कर चुके हैं जबकि तिरुपति बालाजी में ढाई करोड़ ही लोग पहुंचे। उन्होंने इस दौरान साल 2023 के कैलेंडर का विमोचन भी किया। पर्यटन मंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मंत्री समूहों के विदेश दौरे को सैर-सपाटा बताने पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा निवेश के जरिए प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने और तरक्की की बात की जा रही है। ऐसे में गलत बात नहीं करनी चाहिए।
