Bijnor News: उत्तर प्रदेश में नदियां उफान पर हैं। भारी बारिश के कारण यहां नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिस कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इस बीच बिजनौर में गंगा बैराज का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण NH34 के दिल्ली-पौड़ी खंड पर भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है। इतना ही नहीं मार्ग में दरार के कारण दर्जनों गावों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन एक्शन मोड़ में आ गया है। अधिकारियों द्वारा बड़े पैमाने पर निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का काम शुरू कर दिया गया है।
जल्द की जाएगी तटबंध की मरम्मत
तटबंध की मरम्मत को लेकर बिजनौर की डीएम जसजीत कौर ने मंगलवार को निवासियों को आश्वासन दिया। इसके साथ ही ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा को देखते हुए NH34 के दिल्ली-पौड़ी खंड पर वाहनों की आवाजाही को कुछ समय के लिए बंद किया गया है।
मरम्मत कार्य में आई बाधा
जानकारी के अनुसार, रिसाव सोमवार देर रात शुरू हुआ था और अंधेरे में इसकी मरम्मत करने में परेशानी हुई। इस बीच घासीवाला के ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर नुकसान के लिए लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय प्राधिकरण, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल द्वारा मिलकर किया जा रहा है।
आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा
स्थानीय लोगों की मानें तो रावली बैराज के तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के कारण आसपास के गांवों, निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए इन इलाकों को संवेदनशील इलाकों की श्रेणी में रखा गया है और यहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। एक ग्रामीण ने बताया कि यदि तटबंध पूरी तरह से टूट गया तो घासीवाला, नीलावाला, नवलपुरा, जलालपुर, बावनपुर, पूरनपुर जैसे दर्जनों गांव और खेत जलमग्न हो जाएंगे।
