मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी मंगलवार 18 नवंबर की सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि पुलिस से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि पीड़ितों को मदद में किसी तरह की देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई तो कई कार्रवाई होगी। पीड़ित की समस्या के समाधान में जो भी दिक्कत आ रही है, उसका पता लगाकर, जल्द से जल्द उसका निराकरण कराया जाए। जानबूझकर किसी मामले को लटकाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाए।
मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 300 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने सभी को समाधान के लिए आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को लेकर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही दो टूक समझाया कि जनता के जुड़े मामले समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से निपटाएं। उन्होंने अधिकारियों को यह पता लगाने के भी निर्देश दिए कि अगर किसी व्यक्ति को प्रशासन से सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। मुख्यमंत्री ने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर कानून के अनुसार कठोर कदम उटाने के निर्देश दिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ के इस जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूरी करवाकर सरकार को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार-दुलार के साथ चॉकलेट भी दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान आज यानी मंगलवार दिन की शुरुआत परंपरागत तरीके से की। गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन व अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के सामने शीश झुकाने के योगी ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया। मंदिर की गोशाला में उन्होंने गौ-सेवा की। इस दौरान हमेशा की तरह एक मोर भी उनके पास आ गया। सीएम योगी ने मोर को भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी खिलाई।
