Ram Mandir Politics: राम मंदिर पर राजनीति न हो ऐसा लगभग असंभव है। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले एक बार फिर मंदिर पर सियासत गरमा गई है। इस बार सियासत का मुख्य मुद्दा उद्घाटन है। समाजवादी पार्टी के सांसद डॉ. एसटी हसन (ST Hasan) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने पीएम मोदी के द्वारा राम मंदिर के उद्घाटन पर ऐतराज जताया है। जिसके बाद भाजपा ने उन पर पलटवार किया है।
राम के नाम हुआ सियासी 'झाम', भाजपा का पलटवार
एसटी हसन ने पीएम मोदी पर राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया, जिसके जवाब में भाजपा के मोहसिन रजा मैदान में उतर आए हैं। भाजपा नेता मोहसिन रजा ने सपा सांसद को लपेटे में लेते हुए कहा कि 'हम मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनुयाई हैं, उन्हीं के बताए रास्तों पर चलते हैं। हमारी और करोड़ों भारतीयों की आस्था आस्था प्रभु श्रीराम में है। आप (सपा) राम विरोधियों के साथ जाते हैं।'
सपा पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता मोहसिन रजा ने बोला कि श्रीराम के नाम पर सपा ने राजनीति की परिकाष्ठा कर दी है। रामभक्तों पर गोलियां चलवाई और उस वक्त भी सियासी लाभ उठाया था।
सपा सांसद ने राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर क्या कहा?
समाजवादी पार्टी से सांसद एसटी हसन ने इससे पहले कहा था कि पीएम मोदी की जगह राम मंदिर का उद्घाटन महंतों और साधु-संतों से कराया जाना चाहिए। सांसद ने ये सवाल उठाया था कि 'देश के संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति कैसे राम मंदिर का उद्घाटन करेगा। मंदिर का उद्घाटन साधु संत करेंगे या संवैधानिक पद पर बैठा हुआ व्यक्ति?' उन्होंने ये भी दावा किया कि 'राम मंदिर का उद्घाटन करके भाजपा के लोग इसका राजनीतिकरण करेंगे।' सपा सांसद के इसी बयान के बाद बखेड़ा शुरू हो गया है। सियासत गरमा गई है और वार-पलटवार का सिलसिला तेज हो गया है।
