अयोध्या के राज परिवार के मुखिया और राम मंदिर ट्रस्ट के पहले वरिष्ठ सदस्य बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का शनिवार रात करीब 11 बजे निधन हो गया। 75 वर्ष की आयु में उन्होंने राज सदन में अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही करीबी लोग, प्रशंसक और प्रशासनिक अधिकारी राज सदन पहुंचे और श्रद्धांजली दी। बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन की खबर मिलने पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके परिवार को संवेदनाएं देते हुए शोक जताया।
बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से पूरे अयोध्या में शोक की लहर है। कुछ महीने पहले पैर में चोट लगने के कारण उनकी सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उनकी गतिविधियां सीमित हो गई थी, लेकिन फिर भी शहर और श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े कार्यों में उनकी रुचि कम नहीं हुई। परिवार के मुताबिक, वह हाल ही में लखनऊ से चेकअप करवाकर लौटे थे। शनिवार रात अचानक उनकी तबियत खराब हुई, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनकी अंत्येष्टि (Funeral) रविवार दोपहर 12 बजे अयोध्या में सरयू तट पर होगी।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास में निभाई अहम भूमिका
जैसा की आप जानते हैं कि बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र श्रीराम जन्मभूमि न्यास के पहले वरिष्ठ सदस्य थे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जब न्यास का गठन किया गया तब अयोध्या के कमिश्नर ने जन्मभूमि परिसर का पहला चार्ज उन्हें ही सौंपा था। इतना ही नहीं उन्होंने राम मंदिर के लिए हुए आंदोलन में भी अहम योगदान दिया था। मिश्र ने वर्ष 2009 का संसदीय चुनाव फैजाबाद (अयोध्या) लोकसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
सीएम योगी ने जताया दुख
बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन की सूचना मिलते ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने भी दुख प्रकट किया है। उन्होंने शोक जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के माननीय सदस्य, राजसदन अयोध्या के मुखिया श्री विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र जी का निधन अत्यंत दुःखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!'
