Ayodhya Ram Mandir : करोड़ों रामभक्तों का इंतजार अब खत्म होने वाला है, क्योंकि अयोध्या में रामलला के विराजने की तारीख सामने आ गई है। योगी सरकार में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) द्वारा रिट्वीट किए गए ट्वीट में दावा किया गया है 22 जनवरी को रामलला की स्थायी गर्भगृह में प्राण-प्रतिष्ठा कराई जाएगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के ट्वीट में यह जानकारी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) के महासचिव चंपत राय के हवाले से दी गई है। दरअसल, काफी समय से लोग इस दिन का इंतजार कर रहे थे और अब उनकी बहुप्रतीक्षित इच्छा पूरी होने वाली है।
कैसा होगा भव्य मंदिर का स्वरूप
चंपत राय बताते हैं कि रामलला की मूर्ति का निर्माण अयोध्या में ही हो रहा है। यह रामलला के बाल्यावस्था की मूर्ति होगी। गर्भगृह तक पहुंचने के लिए कुल 34 सीढ़ियों का निर्माण किया जा रहा है। जहां शिखर, आसन, दरवाजे को स्वर्णमंडित किया जाएगा। वहीं, मंदिर का 70 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है और मिली जानकारी के मुताबिक गर्भगृह के 14 फीट तक पिलर भी बनकर तैयार हो चुके हैं।
क्या बोले ट्रस्ट महासचिव
ट्वीट के अनुसार, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) के महासचिव चंपत राय अयोध्या के होटल में सराफा मंडल के प्रांतीय अधिवेशन में पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा कि स्थायी गर्भगृह में रामलला की स्थापना को लेकर काफी मंथन हुआ और फिर विचार विमर्श के बाद 22 जनवरी, 2024 की तारीख को अनुष्ठान के लिए प्रस्तावित किया गया। ये भी कहा जा रहा है कि जिस गर्भगृह में रामलला विराजमान (Ramlala Virajman) होंगे उसका निर्माण भी इस साल सितंबर तक पूरा हो जाएगा।
खास मार्बल पत्थर से बन रहा गर्भगृह
जहां एक ओर सितंबर तक गर्भगृह का निर्माण पूरा होने की बात कही जा रही है तो वहीं दूसरी ओर उसके बारे में एक और खास बात सामने आई है। दरअसल, राममंदिर निर्माण (Ram Mandir Construction) की प्रक्रिया को साझा करते हुए चंपत राय ने बताया है कि गर्भगृह का निर्माण स्पेशल मकराना मार्बल से किया जा रहा है। ट्रस्ट के महासचिव का ये भी कहना है कि अक्टूबर तक प्रभु श्रीराम की मूर्ति की निर्माण हो जाए, ऐसा लक्ष्य रखा गया है।
क्यों खास है मकराना मार्बल
मकराना मार्बल को विश्व के सबसे प्रसिद्ध पत्थरों में से एक माना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये राजस्थान में पाया जाता है, जो कई प्रकार का होता है। दरअसल, राममंदिर के गर्भगृह में प्रयुक्त ये मार्बल इसलिए खास है क्योंकि इसका प्रयोग कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल, आगरा के ताजमहल, मुंबई के रौदत ताहेरा, दक्षिणी राजस्थान के दिलवाड़ा व मैसूर जैन मंदिर के साथ लखनऊ के अंबेडकर पार्क में होने का दावा किया जाता है।
पीएम मोदी ने किया था भूमिपूजन
बताते चलें कि अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पांच अगस्त, 2020 को किया था। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के ऐतिहासिक फैसले के बाद मंदिर को बनाया जा रहा है। 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आदेश देते हुए कहा था कि 2.77 एकड़ पर राम मंदिर बनाया जाएगा। वहीं, विवादित ढांचे के संबंध में कोर्ट का कहना था कि अयोध्या में ही मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ भूमि अलग रखी जाएगी।
