लखनऊ

मौत से पहले अतीक लिखकर गया है सीएम योगी और CJI के लिए चिट्ठी, खुलेंगे कई राज

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 18, 2023, 03:35 PM IST

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को शनिवार की रात मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों के वेश धरकर आए तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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सनसनीखेज तरीके से अतीक की हत्या

Photo : PTI

Atiq Ahmad Letter to CM Yogi and CJI: प्रयागराज में जानलेवा हमले में मारे गए अतीक अहमद अपने पीछे एक ऐसी चिट्ठी छोड़ गया है जो कई सफेदपोशों के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। अतीक ने अपने किसी करीबी को मौत होने पर पहले इस चिट्ठी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को भेजने को कहा था। कयास लग रहे हैं कि इस पत्र से कई राज से पर्दा उठ सकता है और हैरान कर देने वाली हकीकत का खुलासा हो सकता है।

सीएम योगी और सीजेआई को भेजा जा रहा पत्र

अतीक वकील ने मंगलवार को कहा कि अतीक अहमद का एक पत्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भारत के मुख्य न्यायाधीश को भेजा जा रहा है। अतीक के वकील विजय मिश्रा ने कहा कि सीलबंद लिफाफे में वह पत्र न तो मेरे पास है और न ही मेरे द्वारा भेजा गया है। इसे कहीं और रखा गया है और किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भेजा जा रहा है। पत्र में क्या लिखा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

सनसनीखेज तरीके से अतीक की हत्या

अतीक अहमद (60) और उसके भाई अशरफ को शनिवार की रात मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकारों के वेश धरकर आए तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जब पुलिसकर्मी उन्हें प्रयागराज के एक मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए ले जा रहे थे, तभी ये वारदात हुई थी। मिश्रा ने कहा कि अतीक अहमद ने कहा था कि अगर कोई दुर्घटना होती है या उसकी हत्या होती है तो सीलबंद लिफाफे में उसका पत्र भारत के मुख्य न्यायाधीश और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा जाए।

प्रयागराज में जेल में बंद दोनों भाइयों को उस समय हथकड़ी लगी हुई थी, जब कैमरे के सामने ही उनकी हत्या कर दी गई। ये भयावह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और टेलीविजन चैनलों पर खूब प्रसारित किया गया था। झांसी में 13 अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अतीक अहमद के बेटे असद का अंतिम संस्कार अतीक को गोली मारे जाने से कुछ घंटे पहले ही किया गया था।

इस साल फरवरी में उमेश पाल और उनके दो पुलिस सुरक्षागार्डों की हत्या के सिलसिले में पूछताछ के लिए अतीक को गुजरात और अशरफ को बरेली की जेज से प्रयागराज लाया गया था। अहमद ने सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें दावा किया गया था कि उसे और उसके परिवार को उमेश पाल हत्या मामले में झूठा फंसाया गया है और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उसे फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है।

(पीटीआई इनपुट)

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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