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लखनऊ अग्निकांड : अवैध इमारत ढहाने का खर्च मालिकों से वसूलेगा LDA, 26.14 लाख का भेजा नोटिस; 15 लोगों की गई थी जान

लखनऊ के अलीगंज में भीषण आग में 15 लोगों की मौत के बाद, एलडीए ने अवैध निर्माण ढहाने का ₹26.14 लाख का रिकवरी नोटिस इमारत के मालिकों को भेजा है।

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लखनऊ अग्निकांड बिल्डिंग के मालिकों से जुर्माना वसूलेगा एलडीए (फोटो-Istock)

लखनऊ : राजधानी के अलीगंज में पिछले महीने एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग, जिसमें 15 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी, के मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने सख्त रुख अपनाया है। एलडीए ने इस अवैध व्यावसायिक इमारत के मालिकों, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला को 26,14,212 का रिकवरी नोटिस जारी किया है। यह राशि उस खर्च की है जो एलडीए ने कोर्ट के आदेश पर इमारत के अवैध हिस्से को ढहाने में खर्च की थी।

क्या है रिकवरी का आधार?

एलडीए के अनुसार, यह पूरी राशि उस खर्च का विवरण है जो 25 जुलाई को हुई बिल्डिंग ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में आया था। इसमें लेबर चार्ज, मशीनों का उपयोग, ईंधन, उपकरण परिवहन और पुलिस सुरक्षा पर हुआ खर्च शामिल है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह नोटिस भेजा गया है। इससे पहले मालिकों को 15 दिन के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने का मौका दिया गया था, लेकिन उनके पालन न करने पर प्राधिकरण को खुद कार्रवाई करनी पड़ी।

22 जून को सेक्टर-डी, अलीगंज स्थित इस चार मंजिला इमारत में भीषण आग लगी थी, जिसमें छात्रों समेत 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच लोग जान बचाकर भागने में सफल रहे थे। जांच में पाया गया कि इमारत आवासीय नक्शे पर बनी थी, लेकिन उसे व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए अवैध रूप से बदल दिया गया था। साथ ही इसमें सेटबैक नॉर्म्स और फायर सेफ्टी के नियमों का भी घोर उल्लंघन किया गया था।

पुलिस ने इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और वहां चल रहे एनीमेशन सेंटर के संचालक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और एलडीए के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। 23 जून को जारी नोटिस और सुनवाई के बाद, एलडीए ने निर्माण को अवैध घोषित कर 25 जुलाई को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की।

एलडीए का कहना है कि अवैध निर्माण ढहाने के बाद मालिकों से उसका खर्च वसूलना प्राधिकरण के नियमों का हिस्सा है और यह इस तरह की पहली कार्रवाई नहीं है। यह घटना शहरी क्षेत्रों में बिल्डिंग बायलॉज और फायर सेफ्टी के पालन के प्रति प्रशासन की बढ़ती सख्ती को दर्शाती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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