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क्या दिल्ली में खत्म हो रहे गैस सिलेंडर? क्यों कन्फर्म नहीं हो रही बुकिंग; मुख्य सचिव ने की हाई लेवल मीटिंग

गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण व्यवसायी गहरे संकट में हैं। खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति के चलते पिछले एक हफ्ते से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका सीधा असर शहर के छोटे होटल मालिकों, बेकरी व्यवसायियों और कैटरर्स पर पड़ा है। सिलेंडर न मिलने के कारण कई व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है, तो कहीं-कहीं मजबूरन चूल्हे पर खाना बनाकर ग्राहकों की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।

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दिल्ली में गैस सिलेंडर की कमी (फोटो-Istock)

US Iran War: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच देश में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर देश में संकट मंडरा रहा। कई राज्य में गैस एजेंसी के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। कई परिवारों को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है, जिसके चलते वे मजबूरन इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं किराये के मकानों और पीजी में रहने वाले छात्रों को बाहर का खाना मंगाने पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे उनका खर्च भी बढ़ गया है। इस मामले पर दिल्ली के मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता बुधवार को एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में एलपीजी आपूर्ति बाधित होने संबंधी अफवाहों की समीक्षा की गई और स्पष्ट किया गया कि दिल्ली में पेट्रोल, डीजल व घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है तथा पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।

दिल्ली में करीब 2,500 आरडब्ल्यूए का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनाइटेड रेजिडेंट्स ऑफ जॉइंट एसोसिएशन (URJA) के अध्यक्ष अतुल गोयल ने बताया कि कई निवासी संगठन से संपर्क कर रहे हैं और शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा। ऐसे में वे इंडक्शन स्टोव का सहारा ले रहे हैं, लेकिन इससे बिजली बिल बढ़ने की चिंता भी बढ़ रही है।

उधर, मुखर्जी नगर आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष बीएन झा ने कहा कि इस समस्या का सबसे ज्यादा असर छात्रों पर पड़ रहा है। मुखर्जी नगर में बड़ी संख्या में छात्र किराये के मकानों और पीजी में रहते हैं। कई छात्रों ने बताया कि उन्हें गैस रिफिल नहीं मिल रही, जिसके कारण उन्हें बाहर खाना खाना पड़ रहा है। कुछ पीजी में तो पिछले कुछ दिनों से खाने की व्यवस्था भी कम कर दी गई है और कहीं-कहीं केवल एक समय का भोजन ही दिया जा रहा है।

मॉडल टाउन आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि कई निवासी हर सुबह स्थानीय गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं ताकि उनकी बुकिंग कन्फर्म हो सके। कुछ लोगों का कहना है कि उनका मौजूदा सिलेंडर खत्म होने वाला है, लेकिन उन्हें नया सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

संभाजीनगर में गैस की किल्लत

दिल्ली के अलावा छत्रपति संभाजीनगर शहर में भी इन दिनों गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के कारण व्यवसायी गहरे संकट में हैं। खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति के चलते पिछले एक हफ्ते से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका सीधा असर शहर के छोटे होटल मालिकों, बेकरी व्यवसायियों और कैटरर्स पर पड़ा है। सिलेंडर न मिलने के कारण कई व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है, तो कहीं-कहीं मजबूरन चूल्हे पर खाना बनाकर ग्राहकों की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।

इस विकट स्थिति के बारे में बात करते हुए एक स्थानीय होटल व्यवसायी ने कहा, "हमारा पूरा व्यवसाय गैस पर निर्भर है। पिछले कई दिनों से सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे होटल चलाना मुश्किल हो गया है। हम अब चूल्हे पर खाना बना रहे हैं, लेकिन जलाऊ लकड़ी की कीमतें भी बढ़ गई हैं, जिससे व्यापार में भारी घाटा हो रहा है। इस संकट के कारण न केवल मालिक, बल्कि होटलों में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों के रोजगार और पेट भरने का सवाल भी गंभीर हो गया है। अब यह मांग जोर पकड़ रही है कि सरकार इस ओर तुरंत ध्यान दे और गैस की आपूर्ति बहाल करे।

इस बीच, कुछ आरडब्ल्यूए ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर निर्भर परिवारों की चिंता भी जताई है। फेडरेशन ऑफ नॉर्थ ईस्ट दिल्ली आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष बीएस वोहरा ने कहा कि कई घरों में PNG कनेक्शन है और नियमों के मुताबिक वे एलपीजी कनेक्शन नहीं रखते। ऐसे में अगर पाइप्ड गैस सप्लाई बाधित होती है तो उनके पास एलपीजी का विकल्प भी नहीं होगा।

हालांकि सरकार ने घरेलू गैस की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए घरेलू प्राकृतिक गैस के आवंटन में एलपीजी, सीएनजी और पाइप्ड कुकिंग गैस को प्राथमिकता दी है, लेकिन मौजूदा हालात ने राजधानी के लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

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bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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