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इंदौर में छिपी है खूबसूरत फूलों की घाटी, सुंदरता और शांति से भरी है ये अनोखी दुनिया

गुलावट वैली एक ऐसी जगह है, जहां से वापिस लौटने का मन नहीं करेगा। इसे लोटस वैली, लोटस घाटी और लोटस झील जैसे नामों से जाना जाता है। यहां झील के पास ही एक ब्रिज बनाया गया है, जहां से पूरा लोटस वैली नजर आता है-

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इंदौर में छिपी है खूबसूरत फूलों की घाटी, सुंदरता और शांति से भरी है ये अनोखी दुनिया

Lotus Valley: भारत में अगर सबसे खूबसूरत जगहों की बात की जाएं, तो वैली ऑफ प्लावर, पार्वती वैली, जुकोई वैली और नुब्रा वैली जैसे कई जगहों का नाम आता है। लेकिन, अगर आपसे ये कहा जाए कि भारत में एक ऐसी जगह है, जहां जाने के बाद आपको बाकी सभी जगहों की खूबसूरती फीकी लगने लगेगी, तो शायद आपको यकीन नहीं होगा। तो चलिए, आज आपको एक ऐसे जगह की सैर कराते हैं, जहां हर तरफ गुलाबी रंग के फूल ही फूल हैं। यहां कहीं झाड़ियां हैं, तो कहीं गहरी झील, कहीं पत्थर हैं, तो कहीं हरियाली की चादर ओढ़े लंबे मैदान। नजारा कुछ ऐसा मानो जन्नत यहीं हो। जी हां, हम बात कर रहे हैं गुलावट वैली की।

गुलावट वैली एक ऐसी फूलों की दुनिया है, जहां से वापिस लौटने का मन नहीं करेगा। इसे लोटस वैली, लोटस घाटी और लोटस झील जैसे नामों से जाना जाता है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये जगह कहां है, इसे गुलावट क्यों कहते हैं, यहां कैसे जाएं और इस जगह पर कब जाना सही होगा ? तो आज हम आपको इसके बारे में सबकुछ बताने जा रहे हैं।

lotus valley

गुलावट वैली

लोटस वैली की खासियत

लोटस वैली बहुत खूबसूरत है। यहां देश के कोने-कोने से लोग इसकी सुंदरता को निहारने आते हैं। करीब 300 एकड़ में फैली लोटस वैली में करोड़ों कमल के फूल खिलते हैं। यहां नजारा इतना मनमोहक है कि बस इन्हें निहारते रहने का मन करेगा। यहां के झील में हर साल किसान कमल के फूलों की खेती करते हैं और उन्हें देश के हर हिस्से तक पहुंचाते हैं। मानसून में इस जगह की खूबसूरती और बढ़ जाती है।

लोटस वैली में और क्या है खास?

लोटस वैली में एक में सुंदर झील है, जहां बैठकर आप इसकी खूबसूरती निहार सकते हैं। यहां एक बगीचा भी है, जहां दूर-दूर तक आपको सुंदर फूल और हरियाली नजर आएगी। यहां सनराइज और सनसेट का सुंदर नजारा आपका दिन बना देगा। यहां आप घुड़सवारी, बोटिंग और साइकिलिंग का मजा ले सकते हैं। साथ ही यहां ओपन जीप में आपको यहां के साइट व्यू को देखना काफी सुकून देगा। घने जंगलों जैसे इस जगह पर पर सूरज की किरणें ऐसी लगती हैं, जैसे जमीन पर तारे उतर आए हैं।

gulavat valley

लोटस वैली

यहां हैं कई मंदिर और पहाड़

गुलावट वैली के पास ही बिजासन माता मंदिर, गोमटगिरी दिंगबर जैन मंदिर और पितृ पर्वत भी हैं। यहां आने वाले लोग इन मंदिर के दर्शन करने के लिए भी पहुंचते हैं। वीकेंट पर शांति के पल बिताने के लिए यह जगह काफी खास है। यहां आपको अक्सर कपल प्रिवेडिंग फोटोशूट करवाते नजर आएंगे। यह जगह नेचर लवर्स को खूब पसंद आती है। फोटोग्राफी के लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है। यहां आप बहुत करीब से कमल के फूलों को देख सकते हैं।

कहां है लोटस वैली?

गुलाबट वैली भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में है। ऐसी सुंदर जगह आपको शायद ही कहीं और देखने को मिले। यहां झील के पास ही एक ब्रिज बनाया गया है,जहां से पूरे लोटस वैली नजर आता है।

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फूलों की घाटी

कब जाएं लोटस वैली?

वैसे तो यहां सालभर लोगों को आना जाना लगा रहता है। लेकिन, यहां आने का सबसे सही समय मार्च से लेकर दिसंबर के बीच का है। इस बीच यहां की खुबसूरती आपका मन मोह लेगी।

कैसे पहुंचे गुलावट वैली ?

आप बहुत आराम से लोटस वैली जा सकते हैं। आपको इंदौर रेलवे स्टेशन से बस, टैक्सी या कैब सीधे गुलावट वैली पहुंचाएगी। आप यहां अपनी गाड़ी या राज्य परिवहन के साधनो से भी पहुंच सकते हैं।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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