Longest Railway Station Name in India: भारत में आपने कई ऐसे अनोखे रेलवे स्टेशनों के बारे में जरूर सुना होगा, जो अपनी खासियत के कारण चर्चा में रहते हैं। कुछ स्टेशन अपनी विशाल लंबाई-चौड़ाई के लिए जाने जाते हैं, तो कुछ अपने समृद्ध इतिहास के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। भारतीय रेलवे लगातार अपने स्टेशनों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रहा है और इस क्षेत्र में कई बार वैश्विक पहचान भी हासिल कर चुका है। भारत का रेलवे नेटवर्क 67,000 किलोमीटर से भी अधिक लंबाई में फैला हुआ है, जो उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक देश को जोड़ता है। भारतीय रेलवे के अंतर्गत 7,300 से अधिक स्टेशन और 15,000 से ज्यादा प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। यह विशाल नेटवर्क प्रतिदिन 2 करोड़ से भी अधिक यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सबसे लंबे नाम वाला रेलवे स्टेशन
अगर रेलवे की बात करें, तो हर दिन करोड़ों यात्री भारतीय रेलवे के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों का प्रबंधन करना एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे रेलवे सफलतापूर्वक निभा रहा है। यही कारण है कि पुराने रेलवे स्टेशनों के प्रतीक्षालयों का विस्तार किया जा रहा है और नए स्टेशनों को भी बड़े और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। यह विस्तार केवल स्टेशनों के ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके नामों में भी देखने को मिलता है। दरअसल, हम आपको भारत के एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके नाम में कुल 57 अक्षर हैं। आइए, जानें सबसे लंबे नाम वाला रेलवे स्टेशन के बारे में।

57 अक्षर वाला भारत का सबसे लंबे नाम वाला रेलवे स्टेशन
मद्रास सेंट्रल के नाम से था पहले मशहूर
तमिलनाडु में स्थित "Puratchi Thalaivar Dr. M.G. Ramachandran Central Railway Station" (पुरातची थलाईवर डॉ एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन) भारत का सबसे लंबा नाम रखने वाला रेलवे स्टेशन माना जाता है। पहले इस स्टेशन को मद्रास सेंट्रल के नाम से जाना जाता था, जिसे बाद में बदलकर चेन्नई सेंट्रल कर दिया गया। साल 2019 में तमिलनाडु की AIADMK सरकार की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार ने इसका नाम फिर से परिवर्तित कर "Puratchi Thalaivar Dr. M.G. Ramachandran Central Railway Station" रख दिया। यह नया नाम राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकप्रिय नेता एम. जी. रामचंद्रन (MGR) के सम्मान में रखा गया है।
2019 प्राप्त हुआ था यह रिकॉर्ड
यह स्टेशन दक्षिण रेलवे ज़ोन के चेन्नई डिवीजन के अंतर्गत आता है और NSG-1 श्रेणी में शामिल है। दक्षिण भारत के सबसे व्यस्त रेलवे टर्मिनलों में गिने जाने वाला यह स्टेशन देश के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली और कोलकाता सहित कई हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। इससे पहले आंध्र प्रदेश का Venkatanarasimharajuvaripeta Railway Station भारत के सबसे लंबे नाम वाले स्टेशन के रूप में जाना जाता था। लेकिन वर्ष 2019 में चेन्नई सेंट्रल का नाम बदलने के बाद यह रिकॉर्ड अब Puratchi Thalaivar Dr. M.G. Ramachandran Central Railway Station के नाम दर्ज हो गया।
