शहर

अहमदाबाद के घुमा में तेंदुए की दस्तक से दहशत, CCTV में कैद हुई हलचल; वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी

अहमदाबाद के घुमा क्षेत्र की शरनदीप सोसाइटी में तेंदुआ दिखाई देने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद वन विभाग और रेस्क्यू टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

Image

अहमदाबाद के घुमा में आदमखोर ने मचाई सनसनी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Ahmedabad Leopard: अहमदाबाद के घुमा स्थित शरनदीप सोसाइटी में देर रात तेंदुआ दिखाई देने के बाद इलाके में दहशत फैल गई। रात करीब 1:30 बजे एक युवती नाश्ता लेने के लिए घर से बाहर निकली थी, तभी उसकी नजर तेंदुए पर पड़ी। उसने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।

सर्च ऑपरेशन जारी

फुटेज में भी तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि हुई। घटना की जानकारी मिलते ही रविवार सुबह से वन विभाग, कांकड़िया जू रेस्क्यू टीम और अहमदाबाद नगर निगम की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। समाचार लिखे जाने तक तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला है और उसकी तलाश जारी है।

कुत्ते को बनाया शिकार

वन विभाग का प्रारंभिक अनुमान है कि तेंदुआ अहमदाबाद की सीमा से साणंद की ओर से शहर में दाखिल हुआ। अधिकारियों को आशंका है कि रिहायशी इलाके में आने के बाद उसने एक कुत्ते का शिकार किया। यह भी माना जा रहा है कि वह रास्ते में एक पोल्ट्री शॉप से भी शिकार उठाकर लाया था।

आदमखोर के पंजों के निशान

तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पिंजरा लगाया गया है। पिंजरे के पास शिकार के अवशेष भी मिले हैं। इसके अलावा एक नजदीकी गार्डन में तेंदुए के पंजों के निशान भी मिले हैं, जिससे उसके इलाके में घूमने की पुष्टि हुई है। शरनदीप सोसाइटी के अलावा आसपास की अन्य सोसाइटियों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि तेंदुए की आवाजाही का पूरा रूट पता लगाया जा सके।

साल 2000 में भी हुई थी ऐसी ही घटना

यह घटना अहमदाबाद में करीब 26 साल पहले हुई एक ऐसी ही घटना की याद दिलाती है। साल 2000 में चंडोला तालाब क्षेत्र में भी एक तेंदुआ घुस आया था। उस समय उसने चार लोगों को घायल कर दिया था, जिसके बाद कांकड़िया जू की रेस्क्यू टीम ने उसे पकड़ लिया था।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

और पढ़ें
End of Article