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देवरिया : अबतक 2 लाख लोगों को मिला निशुल्क इलाज, मेगा हेल्थ कैंप में AIIMS के डॉक्टरों ने दिया ट्रीटमेंट

यूपी के विभिन्न जिलों में आयोजित मेगा हेल्थ कैंपों के जरिए अबतब 2 लाख से अधिक लोगों का फ्री इलाज किया जा चुका है। आने वाले समय में भी प्रदेशभर में ऐसे और निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क पहुंच सके।

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देवरिया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर

देवरिया में आयोजित मेगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 1500 से अधिक मरीजों को निःशुल्क जांच, निःशुल्क दवाइयां और निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति ने इस कैंप को अत्यंत प्रभावी और भरोसेमंद बनाया। विशेष सुविधाओं के तहत कैंसर स्क्रीनिंग, ईसीजी, तथा आंखों की जांच के साथ मुफ़्त चश्मों का वितरण भी किया गया। बड़ी संख्या में आए मरीजों ने इन सेवाओं का लाभ लिया।

2 लाख से अधिक लोगों का निःशुल्क इलाज

दयाल फ़ाउंडेशन के संस्थापक राजेश सिंह ने बताया कि आज तक 2 लाख से अधिक लोगों का निःशुल्क इलाज करा चुके हैं। इस आयोजन से लोगों को बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभारी हूं, जिनके समर्थन और प्रोत्साहन से यह मिशन लगातार आगे बढ़ रहा है। आम जनता तक निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के हमारे इस प्रयास में उनका सहयोग अमूल्य है।

शिविर के आयोजन में विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक मेडिकल सुविधाओं और तकनीकी सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। राजेश सिंह ने आश्वस्त किया है कि आने वाले समय में भी प्रदेशभर में ऐसे और निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क पहुंच सके।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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