लिस्बन: पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने टीम का साथ छोड़ने के मामले में दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है। महासंघ ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि मामले को अनुशासनात्मक जांच समिति के पास भेज दिया गया है। जांच के निष्कर्ष आने तक उन्हें गोपनीय रखा जाएगा।
41 वर्षीय रोनाल्डो ने नये कोच जॉर्ज जीसस के साथ खेलने के कम मौके मिलने को लेकर विवाद के बाद अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान टीम का शिविर छोड़ दिया था। इस दौरान जिन तीन मुकाबलों में रोनाल्डो या तो मैदान पर नहीं उतरे या टीम में शामिल नहीं थे, उनमें पुर्तगाल ने जीत दर्ज की। उनकी जगह खेलने वाले गोंसालो रामोस ने मौके का फायदा उठाते हुए तीन गोल किए। अंतरराष्ट्रीय मैचों का यह दौर खत्म होने के बाद रोनाल्डो ने इंस्टाग्राम पर अपने 67.9 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स के लिए एक लंबा संदेश साझा किया।
रोनाल्डो के अनुसार, नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में उन्हें मैदान के किनारे अभ्यास के लिए भेजा गया, लेकिन बाद में खेलने का मौका नहीं दिया गया। पुर्तगाल के कोच ने हालांकि किसी गलती को स्वीकार नहीं किया। रोनाल्डो ने अपने संदेश में यह भी लिखा कि उन्हें महासंघ के नियमों के तहत निलंबन की आशंका थी। इसके बावजूद उन्होंने प्रशंसकों से वादा किया कि ’उनके लिए विदाई के एक या उससे अधिक मुकाबले जरूर होंगे’।
महासंघ के अनुशासनात्मक नियमों के अनुसार, बिना उचित कारण राष्ट्रीय टीम के प्रशिक्षण सत्र, मैच या किसी गतिविधि से अनुपस्थित रहने अथवा उसे छोड़ने वाले खिलाड़ी पर जुर्माने के साथ एक से छह महीने तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। रोनाल्डो ने महासंघ को शिविर छोड़ने की सूचना दी थी, लेकिन नियमों के तहत उनके फैसले को उचित कारण माना जाएगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
रोनाल्डो ने इस सप्ताह अपने बयान में माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि उनके इस कदम के नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा,'मैं पहले ही माफी मांग चुका हूं, लेकिन मुझे पता है कि किसी भी कार्रवाई के परिणाम भुगतने पड़ते हैं। फुटबॉल में मेरे जैसे लंबे समय से जुड़े लोग जानते हैं कि हर व्यक्ति की हैसियत चाहे जो भी हो, नियम सभी के लिए समान होते हैं।'
(भाषा)
