शहर

बाराबंकी में CNG कार में आग लगने से शख्स की जिंदा जलकर मौत, घर से महज 2 किलोमीटर दूर हुआ हादसा

Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक दर्दनाक हादसे में सीएनजी कार में आग लगने से 45 वर्षीय चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई, जब प्रदीप कुमार लखनऊ एयरपोर्ट से यात्रियों को छोड़कर अपने गांव लौट रहे थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग लगने के बाद कार के दरवाजे लॉक हो गए, जिससे चालक अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।

Image

लखनऊ एयरपोर्ट से घर लौट रहे व्यक्ति की दर्दनाक मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : iStock

Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में करीब चार महीने पहले खरीदी गई एक सीएनजी-चालित कार में आग लगने से उसके चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि, शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब दो बजे सफदरगंज थाना क्षेत्र के प्यारेपुर गांव में चालक के घर से महज दो किलोमीटर दूर यह घटना हुई। स्थानीय लोगों ने शनिवार सुबह करीब छह बजे जली हुई कार देखी। वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर चालक की पहचान प्रदीप कुमार (45) के रूप में हुई।

आग लगने के बाद कार के दरवाजे बंद हो गए

सफदरगंज के थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग लगने के बाद कार के दरवाजे बंद हो गए, जिससे चालक अंदर ही फंस गया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया अंदेशा है चालक ने सीट के बगल वाला दरवाजा खोलकर बाहर निकलने की कोशिश की होगी, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सका। पुलिस अभी आग लगने के कारण का पता नहीं लगा पाई है। त्रिपाठी ने बताया कि आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों को मौके पर बुलाया गया। आग बुझने के बाद पुलिस ने कार के दरवाजे खोलकर चालक के अवशेष बरामद किए। उन्होंने बताया कि अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है। वहीं, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आगे की जांच के लिए जली हुई कार से नमूने एकत्र किए।

परिवार से आखिरी बार फोन पर कब हुई थी बात?

पुलिस के अनुसार, सफदरगंज थाना क्षेत्र के प्यारेपुर गांव निवासी प्रदीप अपनी कार से लखनऊ हवाई अड्डे से बाराबंकी स्थित अपने गांव लौट रहा था। वह हवाई अड्डे पर यात्रियों को छोड़ने गया था। उनके परिवार ने बताया कि वह हवाई अड्डे आते-जाते समय कभी-कभी यात्रियों को अपनी कार में बैठा लेता था। प्रदीप के भाई ने बताया कि उनके भाई ने शुक्रवार शाम करीब चार बजे अपनी पत्नी से बात की थी और परिवार को खाना खाकर सो जाने के लिए कहा था, क्योंकि उन्हें घर लौटने में देर होने वाली थी। उन्होंने बताया कि कार करीब चार महीने पहले उनकी भाभी के नाम पर खरीदी गई थी। घटना की जानकारी मिलने पर परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदीप का शव इतनी बुरी तरह जल चुका था कि उसकी पहचान करना संभव नहीं था।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article