CJP Protest: राष्ट्रीय राजधानी के लिए शनिवार का दिन काफी नाटकीय रहा। जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को एकत्रित नहीं होने दिया। शनिवार की शाम होते-होते 7,000 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया गया जिनमें चार राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। कहने के लिए तो शाम होते-होते हालात सामान्य होने लगे, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), जिसने आंदोलन का आह्वान किया था, उसने ऐलान किया कि रविवार को भी प्रोटेस्ट जारी रहेगा।
CJP लीडर्स को नहीं किया गया रिहा
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रोटेस्ट से पहले हिरासत में लिए गए तकरीबन 3,000 प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया, जिन्हें डिटेंसन सेंटर्स में रखा गया था। हालांकि, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को अब तक रिहा नहीं किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी लीडर्स के मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि अन्य सभी हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया है, लेकिन सीजेपी के तीनों नेता अभी भी पुलिस हिरासत में हैं। यह टिप्पणी ऐसे मौके पर सामने आई है जब शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे के भीतर हिरासत में लिए गए छात्रों, नेताओं, पत्रकारों और सांसदों को नहीं रिहा किया गया तो मैं आंदोलन करूंगा।
सीजेपी लीडर्स के मामले में दिल्ली पुलिस ने निर्धारित कानून प्रक्रिया का पालन करने की बात कही। हालांकि, अधिकारियों ने इस प्रक्रिया के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की और न ही सीजेपी लीडर्स की रिहाई की संभावित समयसीमा बताई।
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विमान से हिरासत में लिए गए CJP लीडर्स
अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को दिल्ली पुलिस ने विमान में दाखिल होकर हिरासत में लिया। इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ वक्त पहले सीजेपी के अजिंक्य शिंदे ने दावा किया कि 10 घंटे से दिपके, रांका और दास की कोई जानकारी नहीं है।
