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इंदौर में व्यापारियों का अनोखा विरोध, ‘No UPI DAY’ पर राजबाड़ा में एक साथ रखे बारकोड बॉक्स

UPI MDR के खिलाफ इंदौर में व्यापारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया है। व्यापारियों हाई वैल्यू यूपीआई ट्राजैक्शन पर MDR लगाने का विरोध करते हुए अपने बारकोड बॉक्स को एक साथ राजबाड़ा में रख दिया।

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इंदौर मे यूपीआई एमडीआर के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन

UPI MDR Protest Indore : यूपीआई मर्चेंट शुल्क के विरोध में इंदौर के व्यापारियों ने बुधवार, 23 सितंबर को अनोखे अंदाज में अपनी नाराजगी जाहिर की है। 'NO UPI Day' मनाते हुए शहर के 125 व्यापारिक संगठनों से जुड़े कारोबारी अपने UPI बारकोड बॉक्स लेकर राजबाड़ा पहुंचे। यहां सभी बारकोड बॉक्स को एक जगह रखकर सामूहिक रूप से सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। व्यापारियों ने इस प्रदर्शन के जरिए साफ किया कि उनका विरोध UPI या डिजिटल पेमेंट सिस्टम के खिलाफ नहीं है। उनकी आपत्ति प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क (MDR) को लेकर है। व्यापारियों का कहना है कि कम मार्जिन वाले कारोबार में किसी अतिरिक्त शुल्क का असर सीधे उनकी लागत पर पड़ सकता है।

राजबाड़ा पर एक साथ रखे UPI बारकोड बॉक्स

इंदौर के राजबाड़ा पर बुधवार को आयोजित प्रदर्शन में अलग-अलग व्यापारिक संगठनों से जुड़े व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के UPI बारकोड बॉक्स लेकर पहुंचे। इन सभी बॉक्स को एक टेबल पर एक साथ रखकर ‘नो यूपीआई डे’ का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर किया गया। इसमें इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन समेत 125 व्यापारिक संगठनों से जुड़े व्यापारियों की भागीदारी बताई गई।

UPI के खिलाफ नहीं, MDR पर आपत्ति

इंदौर रिटेल गारमेंट्स संगठन के अध्यक्ष अक्षय जैन का कहना है कि व्यापारियों का मकसद डिजिटल पेमेंट व्यवस्था का विरोध करना नहीं है। बल्कि, व्यापारियों की असली चिंता प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क को लेकर है। क्योंकि, UPI आज रोजमर्रा के कारोबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में वे डिजिटल पेमेंट को बंद नहीं करना चाहते। बल्कि प्रदर्शन के जरिए वे सिर्फ यह बताना चाहते हैं कि अतिरिक्त शुल्क का भार छोटे और कम मार्जिन वाले कारोबारियों पर भारी पड़ सकता है।

कम मार्जिन वाले कारोबार पर असर की चिंता

व्यापारियों के मुताबिक, कई कारोबार पहले से ही सीमित मार्जिन पर चलते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़ा कोई अतिरिक्त शुल्क उनकी कुल कारोबारी लागत को बढ़ा सकता है। इसी वजह से व्यापारिक संगठनों ने प्रस्तावित मर्चेंट शुल्क को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। व्यापारियों का कहना है कि इस मामले में उनकी चिंताओं पर सरकार और संबंधित संस्थाओं को विचार करना चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी चलाया गया अभियान

राजबाड़ा पर सांकेतिक प्रदर्शन के साथ व्यापारियों ने सोशल मीडिया के जरिए भी ‘नो यूपीआई डे’ अभियान चलाया। इसका मकसद यूपीआई मर्चेंट शुल्क के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाना और व्यापारियों की चिंता को सामने लाना रहा। व्यापारियों ने अपने प्रदर्शन के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि वे डिजिटल पेमेंट के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उससे जुड़े संभावित अतिरिक्त शुल्क का विरोध कर रहे हैं।

125 व्यापारिक संगठनों की भागीदारी

व्यापारियों का कहना है कि ‘नो यूपीआई डे’ के तहत 125 व्यापारिक संगठनों से जुड़े कारोबारी इस पहल से जुड़े। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन समेत विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने इसमें भाग लिया। अक्षय जैन के मुताबिक, व्यापारियों की मांग का केंद्र डिजिटल पेमेंट को खत्म करना नहीं, बल्कि प्रस्तावित शुल्क को लेकर अपनी बात संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना है। राजबाड़ा पर आयोजित यह प्रदर्शन इसी मांग को लेकर व्यापारियों की सामूहिक आपत्ति का प्रतीक रहा।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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