Azamgarh Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। घर में चल रहे 5 दिवसीय महामृत्युंजय जाप के चौथे दिन पहचान पत्र मांगने से शुरू हुए विवाद में अरविंद सिंह नाम के शख्स ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में अपने एक बच्चे को भी मार दिया।
वारदात के बाद आरोपी ने खुद को कमरे में बंद कर तीन बच्चों को बंधक बना लिया था। लगभग 7 घंटे चले पुलिस ऑपरेशन और एनकाउंटर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी अरविंद सिंह मारा गया। इस बीच उसने अपने बेटे को भी गोली मार दी थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।
'हम खुद ही आधार कार्ड हैं': पूजा के चौथे दिन ऐसे शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शी पंडित हिमांशु मिश्रा और आरोपी की मां के अनुसार, अरविंद की मानसिक स्थिति और व्यवहार को ठीक करने के लिए परिजनों ने घर में 5 दिवसीय महामृत्युंजय अनुष्ठान का आयोजन कराया था।
मंगलवार शाम को जब पूजा का चौथा दिन था:
पहचान पत्र मांगने पर बढ़ा विवाद: अचानक कमरे में पहुंचे अरविंद ने पुजारियों से उनका पहचान पत्र दिखाने को कहा। पुजारियों ने कहा कि वे पहचान पत्र साथ लेकर नहीं आए हैं और 'क्या तुम हमें पहचान नहीं पा रहे, हम खुद ही पहचान पत्र हैं।'
अचानक हमला: इतने में अरविंद भड़क गया और उसने पहले डंडे से पिटाई शुरू कर दी। पत्नी बबीता सिंह (32) ने जब पति को पुजारियों का अपमान करने से रोका और बहस शुरू हुई, तो अरविंद ने अंदर से अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली।
अंधाधुंध फायरिंग: अरविंद ने सबसे पहले अपनी पत्नी बबीता को गोली मारी। इसके बाद पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50) (हिमांशु मिश्रा के पिता) पर गोली चला दीं, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। अनुष्ठान में शामिल पंडित हिमांशु मिश्रा किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
हिमांशु मिश्रा भी पिता के साथ गए थे अरविंद के घर
अखिलेश मिश्रा पुजारी के साथ उनका लड़का पंडित हिमांशु मिश्रा (अनुष्ठान में शामिल पंडित) भी अरविंद के घर पहुंचा था। उसने बताया कि 5 दिन का अनुष्ठान था, सबकी बुद्धि ठीक रहे इसलिए अनुष्ठान किया जा रहा था सबसे ज्यादा उनकी ही बुद्धि खराब रहती थी, उनके (अरविंद) लिए ही अनुष्ठान था। उसने बताया कि अरविंद वैसे तो चुप रहता था, पूजा से उसका कोई लेना देना नहीं था, लेकिन पूजा के चौथे दिन, वो अचानक से हम पंडितों से कहने लगा कि अपना आधार दिखाओ, हमने कहा कि आधार अभी नहीं है, कल दिखाएंगे, इतने में पहले से उसने डंडे से पिटाई शुरू कर दी और फिर अंदर से बंदूक लाकर महेंद्र पाठक पर चलाने लगा, जो घर से बाहर की तरफ जा रहे थे, लेकिन उनकी पत्नी बीच में आ गई, जहां गोली उन्हें लग गई, फिर उन्होंने पाठक व मेरे पिता पर गोली चलाई, जहां दोनों की मौत हो गई और मैं ऊपर से भाग कर बाहर निकला।
अरविंद की मां ने क्या बताया?
अरविंद की मां ने भरे गले से बताया कि मंगलवार शाम को घर में महामृत्युंजय का जाप चल रहा था। पूजा का चौथा दिन था। पंडित पूजा कर रहे थे, तभी बेटा वहां पहुंचा और बोला कि अपना पहचान पत्र दिखाओ। पंडितों ने कहा कि क्या तुम हमको पहचान नहीं पा रहे, जो हम आधार कार्ड दिखाएं। हम आधार कार्ड को साथ लेकर नहीं आए हैं। पंडितों ने कहा कि हम खुद ही आधार कार्ड हैं, क्या तुम हमें नहीं जानते। इस पर अरविंद ने भड़कते हुए कहा कि नहीं, तुम लोग मुझे आधार कार्ड दिखाओ। इसी बीच पत्नी से उसकी बहस हुई और इसके बाद अरविंद ने पहले पत्नी को फिर पंडितों को गोली मारी। फिर 112 पर कॉल करके पुलिस बुलाई गई।
7 घंटे का पुलिस ऑपरेशन, बच्चों को बनाया बंधक
घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस बल के साथ एसएसपी (SSP) डॉ. अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और पूरे घर की घेराबंदी कर ली।
3 बच्चों को बनाया बंधक: तीन लोगों की हत्या करने के बाद आरोपी अरविंद ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और तीन मासूम बच्चों को बंधक बना लिया।
पुलिस पर की फायरिंग: आरोपी कमरे के अंदर से पुलिस पर लगातार फायरिंग कर रहा था और जान से मारने की धमकियां दे रहा था।
मुठभेड़ में ढेर: पुलिस ने सूझबूझ से ऑपरेशन चलाते हुए तीनों बच्चों को कमरे से सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, इस दौरान आरोपी के बेटे को गोली लग गई थी, जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से आरोपी अरविंद सिंह भी मारा गया।
