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Top 5 Smallest Districts of India: बड़े ही खास हैं भारत के ये छोटे जिले, जानें टॉप 5 के नाम

भारत विविधताओं से भरा ऐसा देश है, जहां हर राज्य और जिला अपनी संस्कृति, परंपराओं और पहचान के लिए जाना जाता है। प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए भारत को राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिलों में विभाजित किया गया है। क्षेत्रफल के आधार पर देश के कुछ जिले बेहद छोटे होते हुए भी खास महत्व रखते हैं और इसी क्रम में आज हम भारत के टॉप 5 सबसे छोटे जिलों के बारे में आपको बताएंगे।

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भारत के 5 सबसे छोटे जिले

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Top 5 Smallest Districts of India: भारत का हर राज्य और शहर अपनी अलग पहचान रखता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां की विविध संस्कृति, समृद्ध सभ्यता और सदियों से चली आ रही अनोखी परंपराएं हैं। यही विविधता भारत को दुनिया के सबसे खास देशों में शामिल करती है। प्रशासनिक दृष्टि से भारत 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में बंटा हुआ है, ताकि शासन और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 797 जिले हैं।

इनमें से 752 जिले राज्यों के अंतर्गत आते हैं, जबकि 45 जिले केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित हैं। समय-समय पर नए जिलों के गठन और प्रशासनिक पुनर्गठन के कारण इन आंकड़ों में बदलाव होता रहता है। जिलों का गठन क्षेत्रफल, जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। भारत के जिले क्षेत्रफल के लिहाज से एक-दूसरे से काफी अलग हैं। कुछ जिले बहुत विशाल क्षेत्र में फैले हुए हैं जबकि कुछ जिले अपेक्षाकृत छोटे लेकिन घनी आबादी वाले होते हैं। आज हम आपको भारत के टॉप 5 सबसे छोटे जिलों (Top 5 Smallest Districts of India) के बारे में बताएंगे। तो ऐसे में आइए जानें इनके बारे में।

Smallest Districts of India

भारत का सबसे छोटे जिले

भारत के टॉप 5 सबसे छोटे जिले

भारत का सबसे छोटा जिला

क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे छोटा जिला पुडुचेरी का माहे जिला है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले का कुल क्षेत्रफल केवल 9 वर्ग किलोमीटर है। यहां करीब 41,816 लोग निवास करते हैं। यदि जनसंख्या घनत्व की बात करें, तो यह लगभग 4,646 है, जो इसे घनी आबादी वाला क्षेत्र बनाता है। साक्षरता के मामले में भी माहे जिला काफी आगे है, जहां साक्षरता दर 97.87 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

Second Smallest district in India

भारत का दूसरा सबसे छोटा जिला

भारत का दूसरा सबसे छोटा जिला

भारत के दूसरे सबसे छोटे जिले के रूप में दिल्ली का मध्य जिला जाना जाता है। 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 21 वर्ग किलोमीटर है। उस समय यहां की कुल जनसंख्या 58,23,20 दर्ज की गई थी। मध्य दिल्ली जिले की औसत साक्षरता दर 85.14 प्रतिशत बताई गई थी।

Third smallest district of India

भारत का तीसरा सबसे छोटा जिला

भारत का तीसरा सबसे छोटा जिला

क्षेत्रफल के लिहाज से भारत का तीसरा सबसे छोटा जिला लक्षद्वीप है। यह जिला करीब 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्ष 2011 में यहां की कुल आबादी 58,2320 के आसपास दर्ज की गई थी। समुद्र से घिरे होने के कारण यह जिला अपनी विशिष्ट भौगोलिक बनावट और संस्कृति के लिए जाना जाता है।

Fourth Smallest District of India

भारत का चौथा सबसे छोटा जिला

भारत का चौथा सबसे छोटा जिला

भारत के चौथे सबसे छोटे जिले का स्थान पुडुचेरी के यनम जिले को प्राप्त है। इस जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 30 वर्ग किलोमीटर है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां की जनसंख्या 55,626 थी। जिले का जनसंख्या घनत्व 1,854 है, जबकि साक्षरता दर (Literacy Rate) 79.47 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

Fifth smallest district of India

भारत का पांचवां सबसे छोटा जिला

भारत का पांचवां सबसे छोटा जिला

भारत का पांचवां सबसे छोटा जिला देश की राजधानी क्षेत्र में स्थित नई दिल्ली जिला है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 35 वर्ग किलोमीटर है। यहां करीब 14,2004 लोगों की आबादी रहती है। जनसंख्या घनत्व की बात करें, तो यह लगभग 4,057 है। प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से यह जिला देश के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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