Top 5 Smallest Districts of India: भारत का हर राज्य और शहर अपनी अलग पहचान रखता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां की विविध संस्कृति, समृद्ध सभ्यता और सदियों से चली आ रही अनोखी परंपराएं हैं। यही विविधता भारत को दुनिया के सबसे खास देशों में शामिल करती है। प्रशासनिक दृष्टि से भारत 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में बंटा हुआ है, ताकि शासन और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 797 जिले हैं।
इनमें से 752 जिले राज्यों के अंतर्गत आते हैं, जबकि 45 जिले केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित हैं। समय-समय पर नए जिलों के गठन और प्रशासनिक पुनर्गठन के कारण इन आंकड़ों में बदलाव होता रहता है। जिलों का गठन क्षेत्रफल, जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। भारत के जिले क्षेत्रफल के लिहाज से एक-दूसरे से काफी अलग हैं। कुछ जिले बहुत विशाल क्षेत्र में फैले हुए हैं जबकि कुछ जिले अपेक्षाकृत छोटे लेकिन घनी आबादी वाले होते हैं। आज हम आपको भारत के टॉप 5 सबसे छोटे जिलों (Top 5 Smallest Districts of India) के बारे में बताएंगे। तो ऐसे में आइए जानें इनके बारे में।

भारत का सबसे छोटे जिले
भारत के टॉप 5 सबसे छोटे जिले
भारत का सबसे छोटा जिला
क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे छोटा जिला पुडुचेरी का माहे जिला है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, इस जिले का कुल क्षेत्रफल केवल 9 वर्ग किलोमीटर है। यहां करीब 41,816 लोग निवास करते हैं। यदि जनसंख्या घनत्व की बात करें, तो यह लगभग 4,646 है, जो इसे घनी आबादी वाला क्षेत्र बनाता है। साक्षरता के मामले में भी माहे जिला काफी आगे है, जहां साक्षरता दर 97.87 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

भारत का दूसरा सबसे छोटा जिला
भारत का दूसरा सबसे छोटा जिला
भारत के दूसरे सबसे छोटे जिले के रूप में दिल्ली का मध्य जिला जाना जाता है। 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 21 वर्ग किलोमीटर है। उस समय यहां की कुल जनसंख्या 58,23,20 दर्ज की गई थी। मध्य दिल्ली जिले की औसत साक्षरता दर 85.14 प्रतिशत बताई गई थी।

भारत का तीसरा सबसे छोटा जिला
भारत का तीसरा सबसे छोटा जिला
क्षेत्रफल के लिहाज से भारत का तीसरा सबसे छोटा जिला लक्षद्वीप है। यह जिला करीब 30 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। वर्ष 2011 में यहां की कुल आबादी 58,2320 के आसपास दर्ज की गई थी। समुद्र से घिरे होने के कारण यह जिला अपनी विशिष्ट भौगोलिक बनावट और संस्कृति के लिए जाना जाता है।

भारत का चौथा सबसे छोटा जिला
भारत का चौथा सबसे छोटा जिला
भारत के चौथे सबसे छोटे जिले का स्थान पुडुचेरी के यनम जिले को प्राप्त है। इस जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 30 वर्ग किलोमीटर है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां की जनसंख्या 55,626 थी। जिले का जनसंख्या घनत्व 1,854 है, जबकि साक्षरता दर (Literacy Rate) 79.47 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

भारत का पांचवां सबसे छोटा जिला
भारत का पांचवां सबसे छोटा जिला
भारत का पांचवां सबसे छोटा जिला देश की राजधानी क्षेत्र में स्थित नई दिल्ली जिला है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 35 वर्ग किलोमीटर है। यहां करीब 14,2004 लोगों की आबादी रहती है। जनसंख्या घनत्व की बात करें, तो यह लगभग 4,057 है। प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से यह जिला देश के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है।
