बीते दिनों किसान मजदूर मोर्चा ने 25 फरवरी को 'दिल्ली चलो' विरोध मार्च का ऐलान किया था। लेकिन केंद्र सरकार द्वारा एक और दौर की वार्ता के लिए आमंत्रित किए जाने की स्थिति में इस मार्च को रद्द किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि केएमएम केंद्र सरकार के साथ चल रही चर्चाओं के मद्देनजर अपनी विरोध रणनीतियों पर एक बार फिर विचार कर रहा है। जिसके आधार पर ऐसा माना जा रहा है कि 25 को होने वाली मार्च रद्द की जा सकती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री से हुई एमएसपी को लेकर चर्चा
बता दें कि शनिवार (22 फरवरी) को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा चंडीगढ़ में किसान प्रदर्शनकारियों से नए दौर की वार्ता हुई। इस वार्ता में किसानों और कृषि मंत्री के बीच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी सहित किसानों ने कई विभिन्न मांगों पर चर्चा की। वार्ता के बाद शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि तीसरे दौर की वार्ता 19 मार्च को चंडीगढ़ में होगी। शनिवार को हुई वार्ता के एक बाद मार्च को रद्द किए जाने की बात सामने आ रही है।
तीसरी वार्ता से पहले होंगे विरोध प्रदर्शन
केएमएम यानी किसान मजदूर मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि "चूंकि केंद्र सरकार ने हमें वार्ता के एक और दौर के लिए आमंत्रित किया है, इसलिए हमने हरियाणा की ओर जाने का प्रयास नहीं करने का निर्णय लिया है।" उन्होंने ये भी बताया कि अब 19 मार्च की वार्ता से पहले कई कई अन्य विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री से बात करने के बाद केएमएम के संयोजक सरवन सिंह पंढेर ने कहा था संयुक्त किसान मोर्चा से परामर्श लेने के बाद वैकल्पिक विरोध संबंधित कार्रवाई घोषणा सोमवार यानी आज, 24 फरवरी को की जाएगी।
