4 लेन का खड़गपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे या इकोनॉमी कॉरीडोर पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। एक्सप्रेस-वे खड़गपुर, घाटल, आरामबाग, बर्दवार, नबदविब, प्लासी, बेहरामपुर, फरक्का, मालदा, रायगंज, किशनगंज, इस्लामपुर और बागडोगरा को जोड़ेगा। इस 516 किलोमीटर लंबे इकोनॉमी कॉरीडोर में 230 किलोमीटर लंबा खड़गपुर-मोरग्राम एक्सप्रेसवे भी शामिल है, जिसे 12,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जाना है।
पूर्वोत्तर भारत में बढ़ेगा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट
खड़गपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे पश्चिम बंगाल से पूर्वोत्तर भारत में इंपोर्ट-एक्सपोर्ट को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। दरअसल, हल्दिया बंदरगार से सिलीगुड़ी और फिर पूर्वोत्तर भारत में इंपोर्ट-एक्सपोर्ट होता है। हालांकि, हल्दिया बंदरगाह से सिलीगुड़ी का रास्ता काफी भीड़भाड़ भरा है, ऐसे में इसमें काफी समय लग जाता है। सिलीगुड़ी से खड़गपुर एक्सप्रेस-वे बनने से दोनों शहरों के बीच दूरी कम हो जाएगी और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में भी तेजी आएगी।
| प्रोजेक्ट | लागत |
| 88 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर राष्ट्रीय हाई-स्पीड गलियारा | 4,613 करोड़ रुपये |
| खड़गपुर-मोरग्राम राष्ट्रीय हाई-स्पीड गलियारा | 10,247 करोड़ रुपये |
| थराद-डीसा-मेहसाणा-अहमदाबाद राष्ट्रीय हाई-स्पीड गलियारा | 10,534 करोड़ रुपये |
| अयोध्या रिंग रोड | 3,935 करोड़ रुपये |
| रायपुर-रांची राष्ट्रीय हाई-स्पीड गलियारा | 4,473 करोड़ रुपये |
| कानपुर रिंग रोड | 3,298 करोड़ रुपये |
| 121 किलोमीटर लंबा गुवाहाटी रिंग रोड | 5,729 करोड़ रुपये |
| पुणे के पास 30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड नासिक फाटा-खेड़ गलियारा | 7,827 करोड़ रुपये |
खड़गपुर से मोरग्राम के बीच घट जाएगा सफर
खड़गपुर-सिलीगुड़ी कॉरीडोर के तहत 230 किलोमीटर लंबे खड़गपुर-मोरग्राम एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद दोनों शहरों के बीच दूरी काफी कम हो जाएगी। अभी खड़गपुर से मोरग्राम के बीच मालवाहक वाहनों के लिए यात्रा समय 9 से 10 घंटे, जो घटकर 5 से 6 घंटे रह जाएगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में काफी कमी आएगी। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण 10,247 करोड़ की लागत से किया जाना है। वहीं पूरा खड़गपुर से सिलीगुड़ी तक का एक्सप्रेस-वे 2028 तक बनकर तैयार होगा।
