Monsoon Update in India: देश में मानसून का इंतजार थोड़ा लंबा होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने इस बार समय से पहले 26 मई तक मानसून के केरल में पहुंचने की संभावना जताई थी। लेकिन जरूरी मौसमीय परिस्थितियां पूरी नहीं हो पाईं। आमतौर पर केरल में 1 जून तक मानसून की एंट्री होती है। IMD के अनुसार, अभी तक दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल नहीं पहुंचा है। अनुमान है कि अब यह अपने तय समय पर ही केरल पहुंच सकता है।
कहां तक पहुंचा मानसून?
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए लगातार परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके अगले 2–3 दिनों में साउथवेस्ट अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के बाकी हिस्सों को व्यापक रूप से कवर करने की संभावना है। सामान्य तौर पर भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून 1 जून के आसपास पहुंचता है।
केरल में मानसून आने में क्यों हुई देरी
मानसून के केरल पहुंचने के लिए कुछ खास शर्तें जरूरी होती हैं, जिनमें 14 निर्धारित मौसम केंद्रों पर लगातार दो दिनों तक कम से कम 2.5 मिमी बारिश और 60% हिस्से में बारिश शामिल है। अभी ये स्थितियां पूरी नहीं हो सकी हैं। जिसके कारण अब इसके 1 जून के आसपास केरल पहुंचने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण-मध्य अरब सागर में बने चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) की वजह से नमी का प्रवाह उस दिशा में खिंच गया है, जिससे केरल की तरफ मानसून की गति कमजोर पड़ गई है। इसी कारण बादलों की सक्रियता भी कम होती नजर आई है।
प्री-मानसून के प्रभाव से देशभर में बारिश की संभावना
हालांकि राहत की बात ये है कि यूरोपीय मौसम एजेंसी यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) और अन्य मौसम मॉडल्स के अनुसार 29 मई से 5 जून के बीच भारत के 80–90% हिस्सों में प्री-मानसून बारिश होने की संभावना है। जिसके प्रभाव से उत्तर, मध्य, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 2–3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के संकेत नजर आ रहे हैं।
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