Kerala: केरल के वायनाड जिले के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश होने की खबर है, जिसमें 29 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, 700 से अधिक लोगों को 22 शिविरों में भेजा गया और वहां से बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। वायनाड जिले के अलग-अलग हिस्सों में बृहस्पतिवार को मूसलाधार बारिश होने के कारण सामान्य जन-जीवन प्रभावित रहा। खास कर उत्तरी जिलों के पहाड़ी इलाकों में लोगों का बुरा हाल है। उत्तरी केरल के कई जिलों से बाढ़ आने, पेड़ गिरने और मामूली भू-स्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
इन इलाकों में भारी बारिश से बुरा हाल
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को राज्य के दो जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया। आईएमडी ने वायनाड और कन्नूर में ‘रेड अलर्ट’, राज्य के आठ अन्य जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा शेष छह जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। ‘रेड अलर्ट’ 24 घंटों में 20 सेमी से अधिक, भारी से अत्यधिक भारी बारिश को इंगित करता है, जबकि ‘आरेंज अलर्ट’ का मतलब छह से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश है। ‘यलो अलर्ट’ का मतलब छह से 11 सेमी के बीच भारी बारिश है।
कई जिलों में भारी बारिश से जलभराव की स्थित
मौसम विभाग देश में मौसम संबंधी अलर्ट जारी करने के लिए चार रंगों का उपयोग करता है। ये अलर्ट हैं... ग्रीन (किसी कार्रवाई की जरूत नहीं), येलो (नजर रखें और निगरानी करते रहें), ऑरेंज (कार्रवाई के लिए तैयार रहें) और रेड (कार्रवाई/सहायता की जरूरत है)। आईएमडी ने आगे कहा कि एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में एक या दो स्थानों पर मध्यम वर्षा होने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों में राज्य में हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन, संपत्ति की क्षति, सड़कों पर जलभराव हुआ और कई एकड़ कृषि भूमि बाढ़ के कारण जलमग्न हो गई है।
(इनपुट- भाषा)
