उत्तराखंड में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। आज सुबह गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर पैदल यात्रा मार्ग पर गिर गया। भारी मात्रा में मलबा, विशाल बोल्डर और चट्टानें गिरने से केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है।
समय रहते टला बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गुरुवार सुबह अचानक तेज गर्जना के साथ पहाड़ी से भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर नीचे गिरने लगे। राहत की बात यह रही कि घटना के समय इस रास्त पर अधिक श्रद्धालु मौजूद नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन ने तत्काल मौके पर मौजूद यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
राहत और बहाली का काम जारी
लैंडस्लाइड की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, डीडीआरएफ (DDRF) और अन्य संबंधित विभागों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। जिसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और ऊपर से गिर रहे पत्थरों के कारण राहत एवं मार्ग बहाली कार्य में मुश्किलें आ रही है।
मौसम सामान्य होने तक यात्रा स्थगित
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि गौरीकुंड के आगे हुए भारी भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। डीडीआरएफ की टीम मौके पर तैनात है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने और मौसम सामान्य होने के बाद ही केदारनाथ यात्रा को दोबारा शुरू किया जाएगा।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, बिना अनुमति आगे बढ़ने का प्रयास न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का ही पालन करें। फिलहाल केदारनाथ पैदल यात्रा पूरी तरह स्थगित कर दी गई है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है और अगले आदेश तक यात्रा शुरू होने का इंतजार करने को कहा गया है।
