Kanpur BSF jawan Suicide: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के शिवराजपुर के रहने वाले बीएसएफ इंस्पेक्टर ने गुरदासपुर बॉर्डर पर तैनाती के वक्त फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जब बीएसएफ अफसर इंस्पेक्टर का शव लेकर घर पहुंचे तो परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पत्नी ने अधिकारियों से आरोप लगाते हुए कहा कि, यह खुदकुशी नहीं मर्डर है। आरोप लगाया कि, कई दिनों से इंस्पेक्टर का उनके अफसर से विवाद चल रहा था। मौके पर पहुंची भीड़ ने सड़क जाम कर दी और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ गए। पूरे दिन हंगामा होता रहा, अंत में देर रात प्रशासन ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की इजाजत दी। अधिकारियों ने कहा कि, देर रात पोस्टमार्टम करा दिया गया।
शिवराजपुर के सुजान निवादा निवासी सत्यनारायण सविता (40) बीएसएफ में इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत थे। उनकी तैनाती गुरदासपुर सेक्टर में 113 वीं बटालियन शिकार माछीयां में थी। इंस्पेक्टर का शव गुरुवार को संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला था। शुक्रवार सुबह बीएसएफ के अधिकारी शव लेकर शिवराजपुर पहुंचे।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
शव के घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बटालियन के उच्च अधिकारियों पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। परिजनों ने शव ला रहे ट्रक को रोककर बर्राजपुर शिवली संपर्क मार्ग जाम कर दिया। इसके बाद भीड़ धरने पर बैठ गई। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी भी हुई। एसडीएम बिल्हौर और एडिशनल एसपी ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह डेढ़ घंटे बाद जाम खुलवाया और शव घर पहुंचवाया। इसके बाद परिजन दोबारा पोस्टमार्टम कराने, शहीद का दर्जा देने की मांग पर अड़िग हो गए। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को सात घंटे तक समझाया। नहीं मानने पर अधिकारियों ने शव का पोस्टमार्टम दोबारा कराने के लिए तैयार हुए।
पत्नी बोली-यूनिट के सीओ रैंक के अधिकारी करते थे परेशान
इस दौरान पत्नी राखी ने आरोप लगाते हुए कहा कि, सत्यनारायण को यूनिट में एक सीओ रैंक के अधिकारी प्रताड़ित कर रहे थे। सत्यनारायण ने सुसाइड नहीं किया, उनकी हत्या कर शव लटकाया गया है। वहीं,अफसरों ने परिजनों से कहा कि, मामले की हाई कमेटी जांच कर रही है। सत्यनारायण के बड़े भाई दीपू ने कहा कि, वो तो छुट्टी बिताकर 19 अक्टूबर को वापस ड्यूटी पर गए थे। उन्होंने कहा था कि, वहां कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इस वजह से उन्होंने दोबारा छुट्टी ली थी। भाई तो घर आने वाले थे। वहीं, शव लेकर आए जवानों ने बताया कि, रात करीब आठ बजे वह अपने कमरे में पहुंचे थे। काफी देर तक नहीं लौटे। इस पर यूनिट में तैनात अन्य जवान उन्हें देखने पहुंचे तो उनका शव फांसी से पंखे के सहारे लटक रहा था।
