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Kanpur News: कानपुर का गर्व है ये कंपनी, वंदे भारत ट्रेन परियोजना में अहम योगदान, जानें क्या है शहर से रेल का नाता

Kanpur News: देश में चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों का सीधा नाता कानपुर से है। कानपुर की धरती पर ही ट्रेन के असेंबल्ड बोगी फ्रेम बनाए जाते हैं। वंदे भारत ट्रेन के साथ राजधानी और शताब्दी ट्रेनों के बोगी फ्रेम भी कानपुर की इसी कंपनी द्वारा बनाए गए हैं।

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वंदे भारत ट्रेन

Kanpur News: भारत में वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। वंदे भारत ट्रेन के माध्यम से रेलवे की तस्वीर बदलने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना साकार हो रहा है। देश के कई प्रमुख शहरों को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से जोड़ा जा चुका है। साथ ही कई और वंदे भारत ट्रेन और चलाने की तैयारी की जा रही है। वंदे भारत चेयर कार प्रोटोटाइप के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेन प्रोटोटाइप का अनावरण किया गया था।

इसी कड़ी में आगे बढ़ते हुए अब, वंदे भारत ट्रेन मेट्रो प्रोटोटाइप का अनावरण होना है। लेकिन क्या आप जानते है कि देश में चलने वाली सभी वंदे भारत ट्रेनों का कानपुर से एक गहरा नाता है। न केवल गहरा नाता बल्कि ये कानपुर के लिए गर्व का विषय भी है। अब आप सोच रहे होंगे, कि देश के अन्य जिलों और राज्यों में चलने वाली वंदे भारत ट्रेन उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के लिए गर्व की बात कैसे हैं? तो चलिए आज आपको इसके बारे में बताएं -

वंदे भारत ट्रेन का कानपुर से क्या है संबंध

दरअसल, कानपुर के सैसोमैकेनिका में सभी प्रोटोटाइप की वंदे भारत ट्रेनों की असेंबल्ड बोगी फ्रेम तैयार की जाती है। भारत में चलने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन जिसका संचालन दिल्ली से वाराणसी के लिए किया गया था, उसके असेंबल्ड मोटराइज्ड बोगी फ्रेम को कानपुर में ही बनाया गया था। ये कंपनी अभी तक करीब 150 असेंबल्ड बोगी फ्रेम बना चुकी है। इतना ही नहीं आगे के लिए सैसोमैकेनिका कंपनी को पहले ही 800 असेंबल्ड बोगी मोटराइज्ड फ्रेम का आर्डर है।

वंदे भारत मेट्रो का जल्द होगा संचालन

जैसा की हमने आपको अभी बताया कि देश में चलने वाली सभी वंदे भारत ट्रेनें के प्रोटोटाइप के लिए असेंबल्ड मोटराइज्ड बोगी फ्रेम को बनाने का कार्य कानपुर की सैसोमैकेनिका कंपनी ही करती है। वैसे ही जिस वंदे भारत मेट्रो का अनावरण रेलवे द्वारा किया जाएगा, इसमें कंपनी द्वारा बनाए गए 32 असेंबल्ड मोटराइज्ड बोगी फ्रेम लगाए गए हैं। फिलहाल ट्रेन का सुरक्षा परीक्षण किया जा रहा है।

राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में ही लगते हैं इसी के बोगी फ्रेम

न केवल वंदे भारत ट्रेन बल्कि देश में चलने वाली कई राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में भी कानपुर की इसी कंपनी के बोगी फ्रेम लगाए गए हैं। बता दें कि सैसोमैकेनिका के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएन त्रिपाठी ने वर्ष 1992 में बोगी फ्रेम बनाने के लिए इस क्षेत्र में कदम रखा था। इस कंपनी द्वारा बनाए गए बोगी फ्रेम भारत के साथ कई श्रीलंका, बांग्लादेश आदि जैसे कई देशों में निर्यात किए जाते हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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